बिहार राज्य खाद्य निगम में करोड़ों रुपया के घोटाला, अधिकारी मामला के दबावे में जुटले

बिहार राज्य खाद्य निगम में करोड़ों रुपया के घोटाला, अधिकारी मामला के दबावे में जुटले

बिहार राज्य खाद्य निगम (एसएफ़सी) के के भोजपुर इकाई में करोड़ों रुपया के घोटाला के मामला सोझा आवता। जिला मुख्यालय आरा में धोबी घाटवा के एसएफ़सी गोदाम में धईल करोड़ों रुपया के अनाज से जुडल ए मामला में आरा के नवादा थाना में प्राथमिकी दर्ज भईल बा।

राज्य खाद्य निगम के जिला इकाई से जुडल सूत्र के मुताबिक धोबी घाटवा गोदाम में करोड़ों रुपया के अनाज धईल रहे, जवना के एगो बड़ हिस्सा के गायब क दिहल गईल। हालांकि अभी तक साफ नईखे गायब भईल चावल समेत बाकी अनाज के कीमत कतना रहे, लेकिन सूत्र के दावा बा कि स्थानीय अधिकारी के मिलीभगत से भईल ए गड़बड़ी में करोड़ों रुपया के अनाज गायब भईल बा।

ए मामला में सबसे चौंका देवे वाला पक्ष इ बा कि मामला के खुलासा के बाद जब प्रशासन तत्पर भईल त रातो-रात गायब भईल चावल के फेर से गोदाम में पहुंचा दिहल गईल।

गोदाम से चावल गायब होखे अवुरी लवट के आवे से स्थानीय अधिकारी लोग के मंशा प गंभीर सवाल खाड़ा होखता। ए मामला में राज्य खाद्य निगम के प्रबंध निदेशक के ओर से जिला सांख्यिकी अधिकारी (डीएसओ) के जांच के आदेश दिहल रहे। डीएसओ अपना जांच रिपोर्ट में गोदाम से 11 हज़ार बोरा अनाज गायब होखे के बात कहले बाड़े।

डीएसओ के रिपोर्ट के बाद राज्य खाद्य निगम के प्रबंध निदेशक राकेश झा के निर्देश प आरा के नवादा थाना में धोबी घाटवा गोदाम के लेखपाल के आवेदन प 4618 बोरा चावल गायब होखे के प्राथमिकी दर्ज भईल बा। प्राथमिकी में गोदाम के सहायक प्रबन्धक आजम राद के आरोपी बनावत उनुका मंशा प गंभीर सवाल खाड़ा कईल बा।

सूत्र के मुताबिक डीएसओ के रिपोर्ट में गोदाम से करीब सवा करोड़ रुपया कीमत के 11 हजार बोरा अनाज गायब होखे के बाद कहल बा। हालांकि गोदाम के लेखपाल सिर्फ 4618 बोरा चावल गायब होखे के प्राथमिकी दर्ज करवले बाड़े।

डीएसओ के जांच रिपोर्ट अवुरी दर्ज प्राथमिकी में अनाज के मात्रा में भारी अंतर के चलते अब एगो नाया घोटाला पनपत देखाई देता। ए अंतर के चलते स्थानीय लोग के संगे-संगे राज्य खाद्य निगम के कर्मचारी तक हैरान बाड़े। सवाल होखता कि आखिर राज्य खाद्य निगम में कतना के घोटाला भईल बा? अधिकारी डीएसओ के जांच रिपोर्ट के आधार प प्राथमिकी त दर्ज करवले लेकिन मात्रा में एतना फर्क काहें बा?

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