हाईकोर्ट शराबबंदी कानून के कुछ धारा के रद्द करत बिहार सरकार के बरियार झटका देलस

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हाईकोर्ट शराबबंदी कानून के कुछ धारा के रद्द करत बिहार सरकार के बरियार झटका देलस

बिहार में करीब दु साल से लागू शराबबंदी खाती बनावल विशेष शराबबंदी कानून (बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम, 2016) के कुछ धारा के पटना हाईकोर्ट रद्द क देलस। पटना हाईकोर्ट के ए आदेश के बाद कुछ खास चीज़ के बनावे खाती स्प्रिट के उत्पादन चाहे इस्तेमाल हो सकता।

पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन आ न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद के दु सदस्य वाली खंडपीठ एगो याचिका के सुनवाई करत बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम, 2016 के धारा 2 (40) (7) आ (8) के माध्यम से स्प्रिट के उत्पादन अवुरी इस्तेमाल प लागल रोक के हटा देलस।

सरकार बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम, 2016 के लागू करत राज्य में स्प्रिट के उत्पादन अवुरी कवनो प्रकार के इस्तेमाल प रोक लगवले रहे। सरकार के ए कानून के खिलाफ डॉक्टर मोहम्मद अनवर समेत बहुत लोग याचिका दायर कईले रहले अवुरी स्प्रिट के उत्पादन अवुरी इस्तेमाल प लागल रोक के हटावे के मांग कईले रहले।

याचिकाकर्ता के वकील सत्यवीर भारती हाईकोर्ट के बतवले कि राज्य सरकार के ए कदम से राज्य में होमियोपथी के दवाई के बिक्री बंद हो गइल बा अवुरी एकरा चलते लोग के भारी परेशानी होखता।

उ बतवले कि बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम, 2016 के अलग-अलग धारा के चलते राज्य में होमियोपथी के दवाई बनावे खाती जरूरी स्प्रिट के ना त बिहार में उत्पादन होखता, ना दोसरा राज्य से मंगावल जा सकता। एकरा चलते राज्य में दवाई बनावे के काम पूरा तरीका से बंद हो गईल बा।

याचिका के सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के ओर से पेश भईल सबूत अवुरी दलील के सुनला के बाद अदालत उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम, 2016 के धारा 2 (40) (7) आ (8) के रद्द क देलस अवुरी एकरे संगे पेंट अवुरी वार्निस में इस्तेमाल होखेवाला स्प्रिट के उत्पादन प लागल रोक के भी हटा देलस।

अदालत कहलस कि शराबबंदी के नाम प बाकी समान के उत्पादन अवुरी बिक्री रोकल उचित नईखे अवुरी एकरा से राज्य के आम जनता के जीवन प असर न पड़े के चाही।

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