रेलवे में मंत्री कोटा के तहत नौकरी लगावे के नाम प लाखों रुपया के ठगी, आरोपी फरार

रेलवे में मंत्री कोटा के तहत नौकरी लगावे के नाम प लाखों रुपया के ठगी, आरोपी फरार

बिहार के छपरा जिला के दिघवारा थाना क्षेत्र के शीतलपुर में दलाल रेलवे में नौकरी लगावे के नाम प 12 से जादे अभ्यर्थी से करीब 40 से 50 लाख रुपया वसूल लिहले। ए मामला में अभी अवुरी अभ्यर्थी के शिकायत थाना में आवता। ए मामला में पीड़ित छपरा न्यायालय में परिवाद दायर क के गोहार लगवले।

ए बारे में नयागांव थाना क्षेत्र के निवासी उमेश प्रसाद के बेटा आर्यन राज मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में परिवाद पत्र पेश क के न्याय दियावे के गोहार लगवले। जवना में अदालत दिघवारा थाना के प्राथमिकी दर्ज करवा के कार्रवाई के आदेश देलस। दिहल गईल परिवाद पत्र में दिघवारा थाना क्षेत्र के सितलपुर गांव के चार लोग के आरोपी बनावल गईल बा।

ए गिरोह प आरोप लगावल गईल बा कि इ लोग रेलवे में नौकरी दियावे के नाम प हरेक अभ्यर्थी से तीन से चार लाख रुपया के वसूली कईले बाड़े। जवना में नव लोग से मंत्री आ अधिकारी के कोटा से रेलवे में ग्रुप डी अवुरी सी पद प नौकरी लगावे खाती तीन से चार लाख रुपया ठगले बाड़े।

ए बारे में न्यायालय संज्ञान लेत दिघवारा थाना के प्राथमिकी खाती परिवाद भेज देलस। अभ्यर्थी कहले कि ए क्षेत्र में संगठित गिरोह सक्रिय बाड़े। अभ्यर्थी के कहनाम बा ए मामला में आरोपी इ कह के पईसा लिहले कि तोहन लोग के कोलकत्ता में पहिले ट्रेनिंग दियावल जाई ओकरा बाद ज्वाइनिंग लेटर दिहल जाई।

परिवाद पत्र दाखिल करेवाला बतवले कि गिरोह के ओर से रेलवे में नौकरी के नाम प उम्मीदवार के कोलकाता के कचड़ा पारा नामक जगह प 3 महीना तक प्रशिक्षण दियावल गईल। कचड़ा पाड़ा में ट्रेनिंग के बाद जब उम्मीदवार के ओर ज्वाइनिंग दियावे के कहल गईल त धीरे-धीरे सभे आरोपी गायब हो गईले।

गिरोग कोलकाता में ट्रेनिंग भी दियवले। लेकिन जब ज्वाइंनिंग के बारी आईल त दउरावे लगले। आवेदक न्यायालय में अलग-अलग तरह के सबूत जवन आरोपी के ओर से दिहल गईल रहे ओकर फोटो कॉपी न्यायालय में जमा कईले।

दिघवारा थानाध्यक्ष सतीश कुमार बतवले कि ए मामला में न्यायालय से परिवाद पत्र मिलल बा अवुरी जल्दिए प्राथमिकी दर्ज क के अनुसंधान शुरु कईल जाई। अवुरी गिरोह के पता लगा के गिरफ्तार क लिहल जाई।

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