राफेल सौदा घोटाला: प्रधानमंत्री राष्ट्रहित के अनदेखी करत निजी कंपनी के फायदा पहुंचवले!

राफेल सौदा घोटाला: प्रधानमंत्री राष्ट्रहित के अनदेखी करत निजी कंपनी के फायदा पहुंचवले!

राफेल लड़ाकू विमान सौदा से जुडल एगो खुलसा के बाद कांग्रेस पार्टी मंगलवार के केंद्र सरकार अवुरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प जोरदार हमला बोललस। मीडिया के संबोधित करत पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला कहले कि प्रधानमंत्री के राफेल सौदा से जुडल कुछ सवाल के जवाब देवे के चाही अवुरी बतावे के चाही कि उ फ़्रांस के 'डसॉल्ट एविएशन' से महंगा दाम प 36 राफेल लड़ाकू विमान काहें खरीदतारे।

सुरजेवाला पुछले कि प्रधानमंत्री एगो निजी कारोबारी समूह के हित के बढ़ावा काहें देतारे। उ कहले कि प्रधानमंत्री के बतावे के चाही कि 'रिलायंस डिफेंस लिमिटेड' अवुरी 'डसॉल्ट एविएशन' के बीच 30,000 करोड़ के सौदा कईसे भईल?

मालूम रहे कि जब प्रधानमंत्री फ़्रांस में राफेल सौदा प हस्ताक्षर करत रहले त अनिल अंबानी उहाँ मौजूद रहले अवुरी ए सौदा के 10 दिन बाद अनिल अंबानी के रिलायंस डिफेंस लिमिटेड अवुरी राफेल बनावे वाली कंपनी के बीच साझा उपक्रम बनावे के समझौता भईल। सुरजेवाला एही बात के ओर इशारा करत रहले।

सुरजेवाला कहले, "सार्वजनिक क्षेत्र के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) जईसन कंपनी के अनदेखी करत प्रधानमंत्री अयीसन काम काहें कईले? भारत के सबसे बड़ रक्षा सौदा के रूप में प्रचारित 'डसॉल्ट एविएशन' अवुरी 'रिलायंस डिफेंस लिमिटेड' के सौदा में मंत्रिमंडल, सुरक्षा मामला के मंत्रिमंडल समिति अवुरी विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड के अनुमति काहें ना लिहल गईल?"

उ कहले कि ए पूरा मामला में 'रक्षा खरीद प्रक्रिया' के पूरा तरीका से अनदेखी भईल। राष्ट्र हित के 'तकनीक हस्तांतरण' के छोड़ प्रधानमंत्री अपना कारोबारी मित्र के हित सधले। प्रधानमंत्री से सोझा पांच सवाल राखत सुरजेवाला पुछले -

1) यूपीए सरकार जवन कीमत मोलभाव से तय कईले रहे ओकरा से महंगा दर प मोदी सरकार 36 राफेल लड़ाकू विमान के सौदा काहें कईलस?

2) प्रधानमंत्री जरूरी 'रक्षा खरीद प्रक्रिया' के अनदेखी करत अकेले अपना मन से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदे के फैसला कईसे कईले? जबकि ओ समय फ़्रांस अवुरी भारत के बीच अयीसन कवनो समझौता ना रहे।

3) ओ समय के रक्षा मंत्री कहले रहले कि भविष्य में अवुरी अधिक राफेल विमान के खरीदल जा सकता, अयीसना में मोदी सरकार ए विमान से जुडल तकनीक के सार्वजनिक क्षेत्र के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के काहें हस्तांतरित करवलस?

4) प्रधानमंत्री काहें एगो निजी कारोबारी घराना – रिलायंस डिफेंस लिमिटेड के बढ़ावा देले, जवना के नतीजा में ओकरा अवुरी 'डसॉल्ट एविएशन' के बीच 30,000 करोड़ के साझा उपक्रम बनावे के समझौता भईल।

5) भारत के सबसे रक्षा सौदा कहाए वाला 'डसॉल्ट एविएशन' अवुरी 'रिलायंस डिफेंस लिमिटेड' के साझा उपक्रम के मामला में केंद्रीय मंत्रिमंडल, सुरक्षा मामला के कैबिनेट कमेटी अवुरी विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से नियम के तहत मंजूरी काहें ना लिहल गईल?

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