हनुमान चालीसा चाहे दुर्गा चालीसा, कवनो चालीसा में 40 दोहा काहे होखेला?

हनुमान चालीसा चाहे दुर्गा चालीसा, कवनो चालीसा में 40 दोहा काहे होखेला?

श्री राम जी के सभसे प्रिय भक्त हनुमानजी बहुत जल्दी खुश होखे वाला देवता हवे अवुरी कुछ शास्त्र के मुताबिक सीता मईया से मिलल वरदान के चलते हनुमान जी अमर बाड़े।

मानल जाला की जहवाँ रामचरितमानस अवुरी सुंदरकाण्ड के पाठ पूरा मन अवुरी श्रद्धा-भक्ति से होखेला, उहाँ हनुमान जी के कृपा हरमेसा बनल रहेला अवुरी उ अपना भक्त के कष्ट हरमेसा दूर करत रहेले।

भक्त, हनुमान जी के खुश करे खाती हनुमान चालीसा के पाठ खूब करेले। बहुत लोग के त इ मुंहजबानी याद बा। तुलसीदास रचित ए हनुमान चालीसा में भगवान के वंदना खाती चालीस दोहा बा। लेकिन, 40 दोहा खाली एकरे में नईखे, सभ चालीसा में 40 दोहा चाहे छंद होखेला। 40 दोहा के चलते ए प्रकार के धार्मिक पाठ के चालीसा कहल जाला। लेकिन चालिसे दोहा काहें होखेला?

विद्वान लोग के कहला मुताबिक चालीसा मतलब चालीस (40) होखेला। चालीसा में 40 दोहा होखे के पीछा एगो बहुत बरियार धार्मिक सोच बा।हिन्दू समाज के देवी-देवता के स्तुति में चालीस प्रकार के स्तुति शामिल बा।

चालीसा के चालिसो दोहा में ईश्वर के चरित्र, काम, शक्ति अवुरी महिमा के चर्चा होखेला। चालिसो दोहा चाहे चौपाई कवानों आदमी के जीवन के सम्पूर्ण काल मानल जाला।

चालिसा भा 40 दोहा वाला ढांचा तय करे के पीछे तर्क दिहल बा कि, कवनो आदमी के जिनगी 24 तत्व से बनल होखेला, संगही समूचा जीवनकाल में ए सभ तत्व खातिर कुल 16 संस्कार बा। इहे 24 तत्व अवुरी 16 संस्कार के जोड़ के चालीसा बनावल जाला।

ए 24तत्व में 5 तत्व ज्ञानेंद्रिय, 5 तत्व महाभूत, 5 तत्व तन्मात्रा, 5 तत्व कर्मेंद्रिय अवुरी 4 तत्व अन्त:करण के शामिल बाटे। जबकि सोरहो (16 ) संस्कार ए तरे से बा-

गर्भाधान संस्कार
पुंसवन संस्कार
सीमन्तोन्नयन संस्कार
जातकर्म संस्कार
नामकरण संस्कार
निष्क्रमण संस्कार
अन्नप्राशन संस्कार
चूड़ाकर्म संस्कार
विद्यारम्भ संस्कार
कर्णवेध संस्कार
यज्ञोपवीत संस्कार
वेदारम्भ संस्कार
केशान्त संस्कार
समावर्तन संस्कार
पाणिग्रहण संस्कार
अन्त्येष्टि संस्कार

भगवान के स्तुति में हमनी के उनुकर सभ तत्व अवुरी संस्कार के बखान त करबे करेनी, संगे-संगे चालीसा पाठ से जिनगी में भईल दोष खाती क्षमा तक मांगल जाला।

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