अयीसन आदत वाला लईका के कवनो लईकी ना पसंद करेले!

अयीसन आदत वाला लईका के कवनो लईकी ना पसंद करेले!

कवनो लईकी के अपना जीवन साथी मे कवना गुण के चाहत होखेला? जीवन साथी के खोजत कवनो लईकी कईसन लईकन से दूर रहल चाहेली? लईकन के कवन अवगुण कवनो लईकी के दूर करेला? अइसने कुछ सवाल के जवाब एह लेख मे शामिल बाटे।

बहुत लईकिन संगे अयीसन होखेला उ अचानक कवनों लईका के बारे में तय क लेवेली कि "बस, बहुत हो गईल! एकरा से इ हमार अंतिम मुलाकात बा अवुरी अब एकरा से हम ना कबहूँ मिलब"। लेकिन अयीसन काहें होखेला? एकर जवाब ए लेख में शामिल कुछ महिला के विचार में मिल सकता।

सीमा सिंह, मीडियाकर्मी

हम कवनो चीज़ के बहुत सोच समझ के पसंद करेवाला लोग मे से बानी। हम एगो लईका के बहुत कारण से नापसंद क सकेनी। हमरा ओ लईकन से दूर रहे के मन करेला जवन बहुत धार्मिक होखे, बहुत परंपरावादी होखे भा अयीसन होखे के ढोंग करेले। एकरा अलावे हम मनकड़ेर (कड़ा मिजाज वाला) लोग से कवनों कीमत प बात ना कईल चाहेनी।

मनकड़ेर लईका पहिले त सिर्फ अपने बारे में सोचेले बाद मे जदी मौका मिली त उ लोग दोसरा केहु के बारे मे सोचेले। मनकड़ेर के बाद धोखबाज, घमंडी, नासमझ, बेचैन, अवुरी दोसरा के नीच लगावे वाला लोग से दूर रहल पसंद करेनी। हमार विचार बा की जदी आप अपना के ढ़ेर महान बुझतानी त हमरा आपके कवनों जरूरत नईखे।

अस्मिता पांडे, छात्रा

पूर्ण त केहु ना होखेला तबहूँ बहुत अयीसन आदत बा जवना के चलते बहुत लईका हमरा मने ना भावस। सभसे पहिला बात, लईकन के शरीर के दुर्गंध। लईका चाहे कतनों सुघर होखे, लेकिन उनुका शरीर के गंध हम नईखी बर्दाश्त क सकत।

दूसरा बात, लईका के बात करे के तरीका। लइका जदी चापलूस होखे, जबर्दस्ती टूटल-फूटल अँग्रेजी बोले, तबहुओं टाटा बाय-बाय। लेकिन बात करत घड़ी जदी उ हमरा शरीर के निहारी त टाटा-बाय-बाय के संगे एक थप्पड़ खिच के।

उ लोग, जवन कि जबरदस्ती "ही-मैन" बनेले, उ लोग हमरा पसंद ना आवेले। लईकन के एगो बात खूब निमन से समझ लेवे के चाही की "ही-मैन" से ढेर जरूरत सभ्य-शालिन देखाई देवे के बाटे।

अर्चना मिश्रा, सॉफ्टवेर इंजीनियर

जवन लईका शुरुआत में भविष्य के योजना बतावे लागे, इ बतावे कि ओकरा का करे के बा, ओकरा आपन जीनिगी कइसे जीए के बा, ओकर भविषय के योजना का बा त हम ओकरा से दोबारा नईखी मिल सकत। एकरा अलावा सटेवाला, रोहटियां, उबाऊ, कंगाल निहन लोग बिलकुल ना पसंद हवे, अइसन लोग के एक झटका मे जीनिगी से बाहर क देब।

रीता सिंह, शिक्षिका

हमरा एक बेर एगो लईका से मिले के रहे लेकिन उ समय प ना पहुचल। पुछला प कहलस की बकरा कटिंग दाढ़ी के चलाये ओकरा आ ओकरा पिताजी के बीच बहस हो गइल रहे। पिताजी के इच्छा रहे की बेटा बकरा कटिंग दाढ़ी साफ क लेवे। उ लईका अपना कमरा मे लुका गइल, जब ओकर पापा घरे से गइलन त उ बहरी निकलल।

हमरा समझ से अइसन लोग धोखेबाज होखेले, जवन लोग अयीसन लईकन के बात ना मनीहे, ओकरा के इ लोग ब्लैकमेल करेले। इ कमजोरी के निशानी ह अगर आप मे हिम्मत बाटे त अपना बात के सही साबित करी, जे ब्लैकमेल करेला उ कमजोर होखेला अवुरी हमरा अइसन लोग से चिढ़ होखेला आ हम अयीसन लोग से ना मिलल चाहेनी। जवन लईका अइसन कईलस ओकरा संगे उ हमार आखिरी मुलाकात रहे।

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