कहवां से आयो जोगिया, कहवां ही जाला हे - शंकर जी के बियाह

कहवां से आयो जोगिया, कहवां ही जाला हे - शंकर जी के बियाह

कहवां से आयो जोगिया, कहवां ही जाला हे
आहे केकरा दुआरे जोगी, बईठे आसान मारीऽ हे।
पूरबऽ से आवे जोगी, पछिमे ही जाला हे
आरे राजा के दुआरे जोगी बईठे आसान मारीऽ हे॥

काहां बाड़ू, काहां बाड़ू चेरिया लउड़िया हे
आरे जोगिया के आहो चेरिया भिक्षा देहीऽ आवऽ हे॥

तर कईली सोनवा ऊपर तिल चाउर हे
आहे भिक्षा ले बाहर भईली चेरिया लउड़िया हे॥

तोहरा हो हाथे चेरिया भिखवो ना लेहबऽ हे
आहे जिन्हऽ रे बोलेली भीतरी उन्ही के भेजऽ हे॥

तर कई सोनवा ऊपर तिल चाउर हे
आहे भिक्षा ले बाहर भईली बाबा के दुलारी हे।
भिखियों ना लेबे जोगी मुखवो ना बोले हे
आहे हीरी-फिरी आहो जोगी गउरा के निरेखे हे॥

मारू-मारू जोगिया के नगरा निकालु हे
आहे हीरी-फिरी आहों जोगी गउरा के निरेखे हे॥

अतना बचन अम्मा सूनही ना पवली हे
आहे जोगिया के पास अम्मा जाई भईली ठाढ़ हे॥

आरे जाहुं तुहु जोगिया हो गउरा से लोभायो हे
आरे गउरा जोगे आहो जोगी सेनूरा ले आवऽ हो।
हमरा ही देशे सासु सेनुरो ना होलाऽ हे
आहे भभूत चढ़ा के सासु हो जाला बियाह हे॥

आरे जाहुं तुहु जोगिया हो गउरा से लोभायो हे
आरे गउरा जोगे आहो जोगी हारवा ले आवऽ हो॥
हमरा ही देशे सासु हरवो ना होलाऽ हे
आहे सरप के माला सासु हो जाला बियाह हे॥

आरे जाहुं तुहु जोगिया हो गउरा से लोभायो हे
आरे आज़न-बाज़न साजि जोगी बरतिया ले आवऽ हो॥
हमरा ही देशे सासु बजवो ना होलाऽ हे
आहे डमरू बाजा के सासु हो जाला बियाह हे॥

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