गोधन के गीत | कांच हि पात के चादर हो

गोधन के गीत | कांच हि पात के चादर हो

कांच हि पात के चादर हो
सोभेले कृष्णा बाबू के कान्ह
ओहि रे बिहरिया के सेनुर हो
सोभेला सुनैना बहु के मांग

कांच हि पात के चादर हो
सोभेले शुभम-शिवम बाबु के कान्ह
ओहि रे बिहरिया के सेनुर हो
सोभेला दुलहिनिया बहु के मांग

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