मंगरु के मोबाइल प झरेलिया के मैसेज, उहो मसालेदार

मंगरु के मोबाइल प झरेलिया के मैसेज, उहो मसालेदार

मंगरु के मेहरारू (झरेलिया) नईहर गईल रहे, झरेलिया के मंगरु के याद आवे लागल, सोचे लागल कि बेचारा कईसे रहत होई, कि एक दिन उ SMS करे के सोचलस।

जब झरेलिया मंगरु के SMS लिखे शुरू कईलस त ओकर लंबाई तनिका बढ़ गईल, काहें कि उ प्रेम के अयीसन इज़हार कईलस कि का कहल जाए। खुद पढ़ी अवरू जान लिहि कि उ का लिखले रहे -

हमार चेहरा के अपना अँखिया में तानऽ लिहऽ
रोटी वाला आटा के निमन से सानऽ लिहऽ

मिलल बाड़ऽ मुश्किल से इ मत भूलईहऽ
प्याज काटत घरी तनिको मत रोईहऽ

उमर स्यान लेकिन दिल अभी बा बच्चा
तनिका सा आंच बढ़ावऽ आलू बा कच्चा

तोहसे मिलनी सभ नसीब के ह खेला
नाक बहता का करी मौसम के ह झमेला

जरी जईहे लोग देख हमनी के प्यार
खउलत अदहन में भात होई तैयार

कईसन लागल तोहके हमरो सनेशा
नून अवरू लेलऽ कम होखे के बा अनेशा

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