बाल गीत - चंदा मामा आरे आवऽ, पारे आवऽ

छोट बच्चा के रूसल अवुरी मानल सभकेहु देखले होई आ कईले होई। आमतौर प इ गीत महतारी अपना लईकन के खाना खियावे के घरी गावत रहली।

चंदा मामा आरे आवऽ,
पारे आवऽ,
नदीया के किनारे आवऽ
सोने की कटोरिया में
दूध भात ले ले आवऽ
बबुआ के मुंहवा में घूट

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