बाल गीत - घुघुवा माना, उपजे धाना

पहिले के आजी-बाबा, चाहे परिवार के कवनो बड़ सदस्य जब लईकन के अपना गोड प बईठा के झुलुहा झुलावत रहले त ए गीत के गावत रहले।

घुघुवा माना, उपजे धाना,
ओहि मुहे आवेले बबुआ के मामा।
नाक-कान छेदा देले
कान में कनउसी पहिरा देले
दुनो हाथे लड्डू धरा देले
(सम्हरिहे बुढ़िया सम्हरिये)
बबुआ गिरेला धबाक्

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