कवने नगर के सेनुरिया सेनूर बेचे आईल हे - सिंदूरदान के गीत

कवने नगर के सेनुरिया सेनूर बेचे आईल हे
कि आगे माई कवने नगर के कुंवारी धिया
सेनूरा बेसाहेले हे
कवने नगर के सेनुरिया के सेनूर बेचे आईल हे

अवध नगर के सेनुरिया सेनूर बेचे आईल हे
कि आगे माई मिथिला नगर के कुंवारी धिया
सेनूरा बेसाहेले हे
कवने नगर के सेनुरिया के सेनूर बेचे आईल हे
कि आगे माई मिथिला नगर के कुंवारी धिया
सेनूरा बेसाहेले हे

कवने रंग रसिया जे बरवा से सेनूरा चढ़ावेले हे
कि आगे माई कवने धिया बाड़ी सुकुमारी
से सेनूरा संवारल हे
कवने रंग रसिया जे बरवा से सेनूरा चढ़ावेले हे
कि आगे माई मिथिला नगर के कुंवारी धिया
सेनूरा संवारल हे
श्याम रंग रसिया जे बरवा से सेनूरा चढ़ावेले हे
कि आगे माई सिया धिया बाड़ी सुकुमारी
से सेनूरा संवारल हे
श्याम रंग रसिया जे बरवा से सेनूरा चढ़ावेले हे
कि आगे माई मिथिला नगर के कुंवारी धिया
सेनूरा संवारल हे

कवने नगर के सेनुरिया सेनूर बेचे आईल हे
कि आगे माई कवने नगर के कुंवारी धिया
सेनूरा बेसाहेले हे
कवने नगर के सेनुरिया के सेनूर बेचे आईल हे

इ गीत हम अपना फुफुवा सास के मूंह से सुनले रहीं। उहाँ के बतवले रहनी कि इ गीत ओ लोग के समय में बियाह में सिंदूर-दान के बेरी गावल जात रहे। एहसे हम ए गीत के पूरा होखे भा जस-के-तस होखे के दावा नईखी कर सकत। हो सकता कि सुने अवुरी लिखे में तनिका बदलाव हो गईल होखे।

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