भारत के 18 प्रतिशत लोग बिआह के उमर होखे तक नपुंसक बन जाले: रिपोर्ट

WHO के एगो के रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 18 प्रतिशत जोड़ा बियाह के उमर होखे तक नपुंसक बन जाले।

WHO के एगो के रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 18 प्रतिशत जोड़ा बियाह के उमर होखे तक नपुंसक बन जाले।

एगो अनुमान के मुताबिक देश के 18 प्रतिशत बिअहल जोड़ी संतान के जन्म देवे में सक्षम नईखे। ए नपुंसकता के कई गो कारण हो सकता जेकरा में खानपान अवुरी रोज-रोज के आदत समेत दोसरो कई गो कारण बाटे।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एगो के रिपोर्ट के मुताबिक भारत के 1.90 करोड़ शादीशुदा लोग में से मात्र 0.1 प्रतिशत लोग कृतिम गर्भधारण विधि से संतान से जन्म दे सकतारे।

रिपोर्ट के मुताबिक भारत के 18 प्रतिशत लोग बिआह के उमर होखे तक नपुंसक बन जाले। रिपोर्ट में अयीसन होखे के कारण बतावत कहल गईल कि तेजी से होखत शहरीकरण, खानपान में मिलावट, तनाव, जरूरत से ढ़ेर काम, अनियमित जीवनशैली अवुरी देरी से बिआह होखला के चलते अयीसन होखता।

1) शिफ्ट में काम कईल
एगो प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान के रिपोर्ट के मुताबिक जवन महिला रात में (नाइट शिफ्ट) या अलग-अलग शिफ्ट में काम करेली या देरी तक जागेली, उनुकर मासिक धर्म गड़बड़ हो सकता, जेकरा चलते अयीसन महिला के गर्भधारण में समस्या हो सकता।

ब्रिटेन के एगो संस्था के रिपोर्ट के मुताबिक शिफ्ट में काम करे वाला भा रात के ढ़ेर देरी तक जागेवाली महिला के तनाव अवुरी चिंता फीकीर ढ़ेर होखेला, जेकरा चलते इ लोग बांझपन के शिकार बन सकेला।

2) बहुत जादा मेकअप
एगो अमेरिकी संगठन के ओर से 2010 में करावल एगो सर्वे के रिपोर्ट के मुताबिक जवन महिला जरूरत से जादा मेकअप करेली उनुका में बांझपन के लक्षण ढ़ेर देखे के मिलेला। रिपोर्ट कहता कि, चुकी मेकअप के समान में कई प्रकार के रसायन मिलावल रहेला, जवन कि त्वचा के माध्यम से शरीर में प्रवेश करेला अवुरी महिला के बांझपन के ओर ले जाला।

रिपोर्ट के मुताबिक कुछ कंपनी गोर बनावे अवुरी चेहरा प निखार लेआवे वाला क्रीम में अयीसन रसायन के इस्तेमाल करेली, जेकरा से महिला के थॉयरॉइड के समस्या हो सकता। थॉयरॉइड के समस्या से पीड़ित महिला के गर्भधारण करे के संभावना लगभग ना के बराबर रहेला।

3) खानपान में कमी
आजकल के शहरी महिला लोगन में दूबर-पातर रहे के चलन बढ़ गईल बा, हालांकि एकर लक्षण गाँव देहात तक देखाई देता, लेकिन शहर में ढ़ेर बाटे। कवनो महिला के गर्भवती होखे खातिर ठीक-ठाक खाना खाईल जरूरी होखेला। जवन महिला खानपान में लापरवाही करेली अवुरी 'फिगर मेनटेन' करे खातिर खूब 'डाइटिंग' करेली उनुका गर्भधारण में समस्या हो सकता।

4) शराब अवुरी धूम्रपान के आदत
जवन इंसान, चाहे उ महिला होखे भा पुरुष, धूम्रपान अवुरी शराब के आदत बना लेला, ओकरा में संतान देवे के क्षमता कम हो जाला। ढ़ेर शराब पीयेवाली महिला घातक 'अल्कोहल सिंड्रोम' के शिकार हो सकतारी, जेकरा चलते महिला के गर्भाशय में अंडा बनल बंद हो जाला, जबकि नशा करे से पुरुष में शुक्राणु के स्तर में गिरावट आवेला।

5) वजन बढ़ावे अवुरी बॉडी बनावे वाला दवाई के इस्तेमाल
शरीर के वजन बढ़ावे वाला दवाई, देह के हृष्ट-पुष्ट बनावेवाला दवाई, जेकरा में 'आरलोल्ड' जईसन बॉडी बनावेवाला दवाई तक शामिल बा, के सेवन करतानी, त एकरा के तुरंत बंद क दिही। ए प्रकार के दवाई स्त्री अवुरी पुरुष, दुनो के नपुंसक बना सकता। एकर जादा इस्तेमाल से शुक्राणु के बनल कम हो जाला।

6) यौन समस्या
शरीर के बाकी हिस्सा के मुक़ाबला अगर यौन अंग तक ढ़ेर गर्मी पहुंचे, त शुक्राणु के गिनती में कमी आवे लागेला अवुरी इंसान नपुंसक बन जाला। फैक्ट्री में आग के भट्ठी भीरी काम करेवाला पुरुष, चाहे देरी तक गोदी में लैपटॉप ध के चलावे वाला लोग एकर ढ़ेर शिकार बनेले।

रोज ढ़ेर दूर तक चाहे ढ़ेर देरी तक साइकिल चलावे से लिंग के आसपास शरीर के अवुरी हिस्सा के मुक़ाबला ढ़ेर गर्मी पहुंचेला। ए स्थिति में लिंग में ढ़ीलापन आ सकता अवुरी उ आदमी नपुंसकता के शिकार हो सकता।

7) देर से बिआह भईल
आजकल देश में देरी से बिआह करे के नाया चलन शुरू हो चुकल बा। ढ़ेर उमर प बिआह होखे से बांझपन अवुरी नपुंसकता के समस्या बहुत तेजी से बढ़ रहल बा। जीवन में आगे बढ़ल बहुत जरूरी बा, लेकिन सेक्स शरीर के एगो प्रकृतिक जरूरत होखेला एहसे एकरो प ध्यान दिहल जरूरी बाटे।

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