पाँच साल पहिले के BA पास विधायक अब पाँचवाँ पास रह गईले

शिक्षा के मामला में विवादित जानकारी देवेवाला नेता - ऊपर बाएँ से, जीतन राम मांझी, असलम शेख,  बाबूराव काशीनाथ पाचर्णे, बबनराव दत्तात्रेय यादव, जितेंद्र सिंह तोमर अवुरी स्मृति ईरानी।

शिक्षा के मामला में विवादित जानकारी देवेवाला नेता - ऊपर बाएँ से, जीतन राम मांझी, असलम शेख, बाबूराव काशीनाथ पाचर्णे, बबनराव दत्तात्रेय यादव, जितेंद्र सिंह तोमर अवुरी स्मृति ईरानी।

देश के नेता कब कवन चमत्कार क दिहे एकर जानकारी त शायद ईश्वर तक के ना होई। जदी ए चमत्कार प तनिको संदेह रहीत त भारत के चमत्कार के देश ना कहल जाईत।

लोकसभा चुनाव के बाद बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अवुरी केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के डिग्री के खुब चर्चा भईल, एकरा बाद अब दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर के नाम लिहल जाता।

तोमर के त पुलिस गिरफ्तार तक क चुकल बिया। लेकिन ए मामला में मांझी, स्मृति ईरानी अवुरी तोमर के चमत्कार के अलावे कुछ लोग अवुरी बड़े जवन की एहु लोग से बड़ चमत्कार कईले बाड़े।

जितेंद्र सिंह तोमर, जीतन राम मांझी अवुरी स्मृति ईरानी के चमत्कार से आगे बढ़त भाजपा शासित महाराष्ट्र में बहुत बड़े-बड़े चमत्कार भईल बा। जदी विधायक लोगन के ओर से चुनाव के समय पेश हलफनामा प ध्यान दिहल जाए त पाता चली कि कुछ लोग चुटकी में नाया डिग्री पा लेले बाड़े, जबकि कुछ लोग के डिग्री छीना गईल बा।

मुंबई के मलाड (पश्चिम) से कांग्रेस विधायक असलम शेख़ 2009 के चुनाव में अपना के 12वां पास बतवले रहन, लेकिन पाँच साल में विधायक जी चार क्लास नीचे उतर गईले। 2014 के चुनाव में उ जवन हलफ़नामा देले ओकरा मुताबिक उ 8वां पास बाड़े।

शिरूर से भाजपा विधायक बाबूराव काशीनाथ पाचर्णे 2004 अवुरी 2009 के चुनाव तक बीए (फ़र्स्ट ईयर) रहले, लेकिन 2014 आवत-आवत बेचारे सिर्फ दसवां पास रह गईले।

परतुर से भाजपा विधायक बबनराव दत्तात्रेय यादव (लोणीकर) 2004 अवुरी 2009 के चुनाव में बीए (फ़र्स्ट ईयर) तक शिक्षित रहले लेकिन 2014 के चुनाव में उ पांचवा पास रह गईले। मतलब कि 8 क्लास नीचे पहुँच गईले।

नवापुर से कांग्रेस विधायक नाइक सुरूप सिंह हिन्या साल 2004 के चुनाव में दसवां पास रहले लेकिन 10 साल बाद (2014) उ दसवां क्लास में फेल हो गईले।

अब तनिका चमत्कारी डिग्री धारक लोग के बात कईल जाए।

वैजापुर से एनसीपी विधायक पाटिल भाऊसाहेब रामराव 2009 में सिर्फ 9वां पास रहले, लेकिन सिर्फ दु साल में विधायक जी बीए पास क गईले। 2014 में उनुका ओर से पेश हलफनामा में उ अपना के 2011 से बीए पास बतवले।

श्रीरामपुर से कांग्रेस विधायक काम्बले भाउसाहब मल्हारी के कहानी अवुरी चमत्कारी बा। विधायक जी 2009 में दूसरा क्लास में पढ़त रहले, लेकिन 2014 में विधायक जी बीए के परीक्षा दे देले रहनी।

ए लोग के अलावे कुछ लोग अयीसनो बाड़े, जवन कि चुटकी बाजा के श्रीलंका से डिग्री पा लेले बाड़े।

मिरज से भाजपा विधायक सुरेश दगडू खाड़े के शैक्षिक योग्यता पाँच साल में SSC (इंटर चाहे 12वां पास) से पीएचडी तक पहुँच गइल। उ 2014 के हलफनामा में दावा कईले कि उनुका भीरी सोशल वर्क में 'दि ओपन नेशनल यूनिवर्सिटी, कोलंबो (श्रीलंका)' से 'डॉक्टरेट ऑफ़ ऑनर्स' के डिग्री बा।

भाजपा विधायक सुधाकर संग्राम भालेराव 2009 के चुनाव तक बीए (फ़र्स्ट ईयर) में रहले, लेकिन 2014 के हलफ़नामा में विधायक जी के भीरी पीएचडी डिग्री रहे। विधायक जी इ डिग्री 2012 में कोलंबिया विद्यापीठ (श्रीलंका) से लेले बाड़े।

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