बड़ होखत संतान अवुरी माई-बाप के ज़िम्मेदारी

लईकिन में होखे वाला बदलाव एगो खास तरह के होखेला। उमर बढला के संगे-संगे शरीर में होखत बदलाव के लईका-लईकिन के तनिका चिंता में जरूर डालेला।

लईकिन में होखे वाला बदलाव एगो खास तरह के होखेला। उमर बढला के संगे-संगे शरीर में होखत बदलाव के लईका-लईकिन के तनिका चिंता में जरूर डालेला।

जब बेटा-बेटी बड़ होखे लागेला अवुरी ओकरा अपना शरीर में होखत बदलाव महसूस होखे लागेला त ओ परिस्थिति में बेटी के महतारी अवुरी बेटा के बाप के ज़िम्मेदारी बढ़ जाला।

लईकिन में होखे वाला बदलाव एगो खास तरह के होखेला। उमर बढला के संगे-संगे शरीर में होखत बदलाव लईका-लईकिन के तनिका चिंता बढ़ा देवेला। जदी लईकी अपना शरीर के बदलाव से परेशान होखेले त लईको अपना शरीर के बदलाव से शुरुआती दौर में परेशान रहेला।

उमर के संगे लईकन के दाढ़ी-मूंछ अवुरी आवाज में भारीपन महसूस होखेला। ए बदलाव के चलते ओकरा कबो-कबो अपना उमर के दोस्त के बीच ताना अवुरी हंसी-मज़ाक तक सहे के पड़ेला। एह बदलाव के दौरान एगो बाप के ओकर दोस्त बन, ओकरा शरीर में होखत बदलाव के ठीक से समझे में मदद करे के चाही।

हार्मोन अवुरी शरीर में होखत बदलाव लईका-लईकी के मन में सेक्स से जुड़ल कई गो सवाल खाड़ा क देवेला। संगही, सामाजिक मर्यादा के डर, माई-बाप के अनुशासन अवुरी रोक-टोक बढ़े लागेला।

एह स्थिति में रोक-टोक से जादे जरूरी बा कि माई-बाप अपना ज़िम्मेदारी के बुझस अवुरी अपना संतान के ओकरा शरीर में होखत बदलाव के बारे में सही-सही जानकारी देस। अगर बच्चा के सही समय प उचित जानकारी मिल जाई त ओकरा अपना शरीर के बदलाव के समझे में बहुते मदद मिली।

आजकाल के लईका-लईकी समय से पहीले बहुत कुछ जाने-समझे लागतारे, कारण टीवी अवुरी इंटरनेट। इंटरनेट प लईका-लईकी घंटो चैटिंग करतारे अवुरी इहाँ तक कि पोर्न साइट देखे तक से नईखन चुकत।

लईकन में होखे वाला हार्मोंनल बदलाव के चलते ओकनी के खीस (गुस्सा) ढेर बरेला अवुरी व्यवहार में तनिका चिड़चिड़ापन चल आवेला। जदी ए उमर में उ अपना सेहत अवुरी 'साफ-सफाई' प ठीक से ध्यान ना देबे, त माई-बाप के ज़िम्मेदारी बनता कि उ लोग ओकरा के शरीर के साफ-सफाई के बारे में ठीक से समझावस।

किशोरावस्था में मन में हजारों सवाल उठेला। जवना के जवाब उ केहू तरे जानल चाहेला। आज के दौर में कुछुओ जानल मुश्किल नईखे। जब घर-घर में टीवी अवुरी इंटरनेट बा त कुछूओ जानल बहुत आसान बा। लेकिन, एकरा में ध्यान खाली अतने राखे के बा कि जवन जानकारी ओकरा भीरी पहुंचे तवन सही होखे।

आजकाल के लईका-लईकी समय से पहीले बहुत कुछ जाने-समझे लागतारे, कारण टीवी अवुरी इंटरनेट। इंटरनेट प लईका-लईकी घंटो चैटिंग करतारे अवुरी इहाँ तक कि पोर्न साइट तक देखतारे।

एहिजा ध्यान देबे बा कि जदी आप अपना बेटा-बेटी के केहू से चैटिंग करत भा पोर्न फिल्म देखत पावत बानी त डांटला के बजाय ओकरा के ए बारे में ठीक से समझाई अवुरी इहो बताई कि अभी ओकर उमर अभी पढ़े-लिखे के बा अवुरी एकरा खातिर त पूरा ऊमीर परल बा। एक बेर इ समय निकल जाई त फेर लवट के ना आई। अभी उ आपन समूचा ध्यान पढ़ाई प देवे, नाही त "अब पछतवले होत का जब चिड़ियाँ चुग गई खेत" वाला हाल हो जाई।

एह उमर में बच्चा के ध्यान पढ़ाई से तनिका जरूर भटकेला। एह से माई-बाप के ज़िम्मेदारी बनेला कि अपना बच्चा प जादा ध्यान देस।

आप अपना बच्चा के संगे एकदम सहज रहे के कोशिश करीं ताकि उ अपना मन के बात आपसे कहे, डेराए मत अवुरी संकोच मत करे।

चुकी शारीरिक अवुरी हार्मोन्स में बदलाव के चलते लईका-लईकिन में तनिका चिड़चिड़ापन अवुरी खीस बढ़ जाला, एहसे माई-बाप चाहे परिवार के बात-बात प रोकल-टोकल ओकरा निक ना लागे।

इहे उ समय बा जब ओकरा समस्या के सुन, ओकरा उलझन के सझुरावे में माई-बाप के मदद करे के चाही। लेकिन, सबसे जादे जरूरी बा कि बिना मतलब के रोक-टोक के आदत से खुद माई-बाप अपना के ओकरा से दूर मत राखस।

जदी आपके बच्चा फोन प केहु से बात करता अवुरी आपके देख के अचानक चुप हो जाए त बात के समझत ओकरा के बिना कुछु बोलले ओहिजा से हट जाई। बादो मे ए बात खातिर ओकरा संगे कलह मत करी। जदी मन में ओ बातचीत के बारे में जाने के इच्छा ढ़ेर बा त ओकरा से प्यार से पूछ लीही, दबाव बनाके कुछूओ पाता ना चली।

आप खुद अपना बच्चा के संगे एकदम सहज रहे के कोशिश करीं ताकि उ अपना मन के बात आपसे कहे, डेराए मत अवुरी संकोच मत करे।

ए उमर में लईका-लईकी बहुत जल्दी विपरीत लिंग के प्रति आकर्षित हो जाले। एह उमर में एक-दोसरा के प्रति आकर्षित भईल कवनो नाया बात नईखे। शारीरिक बदलाव के चलते अयीसन होखल स्वाभाविक बा। एक समय के बाद धीरे-धीरे, अपने आप ए आकर्षण में कमी चल आई।

अंत में एतना जरूर ध्यान रहे कि, आप अपना बच्चा के दोस्त बनी अवुरी सही मार्गदर्शन करीं, नाही त "सावधानी हटल दुर्घटना घटल"। ओकरा बाद ना आप खुश रह पाईब ना आपके बच्चा।

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