पठानकोट हमला | हमला कईसे भईल – सबसे बेसी अझुराईल सवाल

शनिवार के सबेरे से जारी अभियान में अंतिम सूचना मिले तक भारत के कम से कम 7 सैनिक शहीद हो चुकल बाड़े।

शनिवार के सबेरे से जारी अभियान में अंतिम सूचना मिले तक भारत के कम से कम 7 सैनिक शहीद हो चुकल बाड़े।

पंजाब के पठानकोट में वायु सेना के अड्डा प शनिवार के सबेरे-सबेरे भईल आतंकवादी हमला अपना संगे बहुत सवाल खाड़ा क देले बा। देश जानल चाहता कि सूचना के करीब 30 घंटा बाद भईल ए हमला के घटना में चूक काहाँ भईल?

देश जानल चाहता कि शनिवार के सुबह साढ़े तीन बजे हमला होखे से करीब-करीब 24 घंटा पहिले आतंकवादियन के तलाश शुरू हो गईल रहे, एकरा बादो हमला भईल जवन कि अंतिम सूचना तक जारी बा। इ सभ कईसे भईल?

देश जानल चाहता कि पाकिस्तान सीमा से भारत में ढुकला से लेके वायु सेना के अड्डा प हमला के बीच के-के, काहाँ-काहाँ अवुरी कईसे-कईसे ए आतंकी गुट के मदद कईलस?

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) समेत अलग-अलग सुरक्षा अवुरी खुफिया एजेंसी 30-31 दिसंबर के सबेरे 3:30 बजे से लेके वायु सेना के अड्डा प हमला होखे तक के घटना के फिर से दोहरा के मामला के सच्चाई जाने के कोशिश करी।

सभ केहु जानल चाहता कि कथित तौर प 5 चाहे 6 पाकिस्तानी आतंकवादी खुफिया जानकारी होखला के बादो काड़ा सुरक्षा वाला वायु सेना के अड्डा में एतना आसानी से कईसे ढुकले?

ए इलाका में आतंकी गुट के मौजूदगी के पहिला सूचना शुक्रवार के मिल गईल रहे। एकरा बाद तलाशी अभियान शुरू भईल लेकिन अगिला 30 घंटे तक तमाम आतंकी ए इलाका में छुट्टा घूमत रहले। वायु सेना के अड्डा प हमला से करीब 24 घंटा पहिले उ लोग एगो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी समेत तीन लोग के कार समेत अपहरण कईले, एकरा बादो चूक कहाँ भईल?

पुलिस विभाग के सूत्र के मुताबिक पहिला चूक सीमा सुरक्षा बल से तब भईल जब उ लोग पंजाब के गुरुदासपुर अवुरी जम्मू-कश्मीर के कठुआ ज़िला के सीमा प घुसपैठ ना रोके पवले। अब ए सीमा के भीरी बनल पंजाब पुलिस के चौकी के जांच कईल जाता।

मानल जाता कि हमला में शामिल आतंकी पठानकोट से 35 किलोमीटर दूर रावी नदी के पार क के भारत आईल बाड़े। हालांकि ए पूरा इलाका में सीमा प कटईला तार से घेराबंदी बा, जवना में चौबीसों घंटा बिजली के प्रवाह होखेला।

संदेह बा कि भारत में ढुकला के बाद आतंकी एगो पाकिस्तानी टेलीफ़ोन नंबर के मदद से एगो टोयोटा इनोवा गाड़ी भाड़ा प लेले। दुनो ओर के तस्कर सीमा पार आवे-जाए खातिर एही प्रकार के काम करेले अवुरी दुनो ओर ए प्रकार के मदद करेवाला लोग बाड़े। एहसे संभव बा कि ए मामला में अयीसने भईल होई।

सीमा के नजदीक भगवाल गांव के इकागार सिंह ओ इनोवा के ड्राइवर रहले, जवना के आतंकी गुट भाड़ा प लेले रहे। जब आतंकी कार में सवार भईले त कुछ दूर के बाद ए लोग के ड्राइवर से झगड़ा हो गईल। हाथापाई में इनोवा गाड़ी बामियाल-पठानकोट रोड प पेड़ से टकरा गईल।

आतंकी ए गाड़ी के ड्राइवर के हत्या करत ओकरा लाश के नजदीक के खेत में फेंक देले। चूंकि इनोवा के 2 टायर फाट गईल रहे, एहसे अब उ चले लायक ना रहे। आतंकी अब एगो दोसर गाड़ी के तलाश शुरू कईले।

सड़क प गाड़ी के इंतज़ार करत आतंकी गुट के नज़र पंजाब पुलिस के महानिरीक्षक (एसपी) सलविंदर सिंह के गाड़ी प परल। उ अपना महिंद्रा जायलो गाड़ी में नजदीक के एगो गुरुद्वारा से लवटत रहन। सेना के वर्दी में सड़क प खाड़ा आतंकी उनुका के रुके के इशारा कईले अवुरी गाड़ी रुकते, गाड़ी समेत एसपी के अपहरण क लेले।

एसपी के नीला बत्ती वाली गाड़ी में सवार आतंकी पुलिस अधिकारी समेत उनुका संगी लोग प राइफल के बट से हमला कईले जबकि गाड़ी लगातार पठानकोट के ओर बढ़त रहे। चूंकि गाड़ी प नीला बत्ती लागल रहे, एहसे राह के कवनो चेक प्वाइंट प ए गाड़ी के ना रोकल गईल।

गाड़ी के अपहरण के कुछ देरी के बाद आतंकी, पुलिस अधिकारी के चलती गाड़ी से फेंक देले, तनिका अवुरी आगे बढ़ला के बाद अधिकारी के दोस्त राजेश वर्मा के गला रेत के अकालगढ़ गांव के नजदीक फेंक दिहल गईल।

हालांकि आतंकी गुट के अनुमान रहे कि राजेश वर्मा मर गईल बाड़े, लेकिन फिलहाल उ जिंदा रहन। जाहां राजेश वर्मा के आतंकी फेंकले उ जगह वायु सेना के अड्डा के बहुत नजदीक बा। एकरा बाद एही गाँव में आतंकी ए गाड़ी के छोड़ देले।

जांच में जुटल एगो अधिकारी के कहनाम बा कि आतंकी सीमा से इहाँ तक पहुंचे के बीच में एगो टैक्सी ड्राइवर के हत्या कईले अवुरी पुलिस अधिकारी के दोस्त के गला रेत के फेंक देले। उ लोग ए दुनो काम में एके-47 जईसन विकसित हथियार के इस्तेमाल ना करत, साधारण हथियार के इस्तेमाल कईले।

ओकनी के अंदाज़ा रहे कि एके-47 चाहे कवनो विकसित हथियार के इस्तेमाल सुरक्षा बल के सोझा ओकनी के पहचान जाहिर क दिही, एहसे उ लोग एकरा के एगो साधारण अपराध के घटना के रूप देत, साधारण हथियार के इस्तेमाल कईले।

पुलिस अधिकारी के सरकारी गाड़ी के अपहरण अवुरी वायु सेना के अड्डा प हमला होखे के बीच करीब 24 घंटा के समय बा। एकर मतलब बा कि ए 24 घंटा में आतंकी गुट वायु सेना अड्डा के बहुत नजदीक कतहू लुकाईल रहे। अयीसन जगह जवन कि बहुत नजदीक होखला के संगे सुरक्षा बल के नज़र से दूर होखे।

चूंकि तलाशी अभियान जारी रहे एहसे एकर जांच होखे के चाही कि आतंकी गुट 24 घंटा तक सुरक्षा बल के नज़र से कईसे बांचल?

बतावल जाता कि हमला से करीब 30 घंटा पहिले पूरा इलाका में हाई अलर्ट जारी हो गईल रहे, बाज़ार-दोकान बंद करवा दिहल रहे, जनता से घर के भीतर रहे के कहल रहे अवुरी पुलिस समेत तमाम सुरक्षा एजेंसी आतंकी गुट के खोजे में जुटल रहे। एकरा बावजूद आतंकी ना सिर्फ वायु सेना परिसर में ढुकले, अयीसन जगह तक पहुंच गईले कि हमला के 52 घंटा बात तक आतंकी के सही-सही संख्या बतावे तक के स्थिति में केहु नईखे।

शनिवार के सुबह 3.30 बजे अचानक वायु सेना के अड्डा से गोली के तड़तड़ाहट सुनाई देवे लागल। बतावल जाता कि आतंकी वायु सेना के ए अड्डा के एगो हिस्सा प कब्जा जमा लेले रहन।

हालांकि एनएसजी कमांडो, आईएएफ कमांडो अवुरी थलसेना के विशेष कमांडो दस्ता लगभग 15 घंटा के कड़ा मेहनत के बाद चार आतंकी के मारे में कामयाब हो गईल लेकिन एकरा बाद के 35 घंटा में सिर्फ सैनिक लोगन के शहीद होखला के खबर मिलल।

रविवार के पूरा दिन अवुरी देर रात तक जब-तब गोलीबारी के खबर मिलल, विस्फोट के सूचना आईल। तय बा कि देर-सबेर सेना ए स्थिति प काबू पा लीही, लेकिन सवाल त जस के तस बा – पहिले से सूचना होखला के बावजूद हमला, उहो जवन कि 50 घंटा से जादा समय तक चलल, भईल कईसे?

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