गर्भावस्था में विटामिन 'डी' के कमी होखला प पैदा होखेवाली संतान रोगी हो सकेले

गर्भावस्था में विटामिन 'डी' के कमी होखला प पैदा होखेवाली संतान रोगी हो सकेले

सृष्टि के आगे बढ़ावे में महिला के सबसे प्रमुख योगदान होखेला, ए योगदान के प्रमुख होखला के पीछे सबसे महत्वपूर्ण कारण जन्म देवे के क्षमता बाटे, लेकिन ए क्षमता के खानपान समेत बहुत चीज़ प्रभावीत करेला।

एगो ताज़ा शोध से पाता चलल कि गर्भावस्था के दौरान विटामिन 'डी' के कमी वाली महिला के संतान में बड़ होखला प मल्टीपल स्केलेरोसिस (एमएस) नाम के बेमारी होखे के खतरा अधिका होखेला।

मल्टीपल स्क्लेरोसिस केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के बीमारी ह, जवन कि मांसपेशी नियंत्रण अवुरी शक्ति, दृष्टि, संतुलन, भावना, अवुरी सोच के समस्या पैदा करेले।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अंदाज़ा बा कि दुनिया में लगभग 25 लाख लोग ए बेमारी से पीड़ित बाड़े।

हावर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ता लोगन के कहनाम बा कि गर्भावस्था के दौरान विटामिन 'डी' के स्तर के सीधा संबंध पैदा होखेवाली संतान के बड़ होखला के बाद 'एमएस' नाम के बेमारी के खतरा से जुड़ल बा।

पहीले भईल अध्ययन से साबित हो चुकल बा कि गर्भाशय में विटामिन 'डी' के आवरण के कमी पैदा होखेवाली संतान में बड़ होखला प 'एमएस' के खतरा के बढ़ावेला।

हावर्ड के टीएच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ से ए अध्ययन के नेतृत्वकर्ता कासांद्रा मुंगर के बतवला मुताबिक, "हमनी के शोध बतावता कि गर्भावस्था के दौरान विटामिन 'डी' के कमी संतान में एमएस के खतरा के बढ़ावेला।"

इ अध्ययन हालांकि ए बात के जानकारी नईखे देत कि गर्भावस्था के शुरुआत में विटामिन 'डी' के अनुपूरक खुराक एमएस के जोखिम के कम क सकता कि ना।

ए विषय प विशेष जानकारी खाती ए अध्ययन के शोधपत्र के 'जेएएमए न्यूरोलॉजी' पत्रिका में पढ़ल जा सकता।

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