बिहार के 70 साल के दूल्हा अवुरी 23 साल के दुल्हिन, बेमेल बियाह से सुखी जीवन के आस

बिहार के 70 साल के दूल्हा अवुरी 23 साल के दुल्हिन, बेमेल बियाह से सुखी जीवन के आस

बिहार के एगो 70 साल उमर के बुजुर्ग मात्र 23 साल के उमर के लईकी संगे बियाह (कोर्ट मैरेज) क के तहलका मचा देले। गया ज़िला के रहेवाला 70 साल के रामाशीष यादव जब 23 साल के लक्ष्मी संगे बियाह करे खाती मंगलवार के सिविल कोर्ट पहुंचले त उहाँ ए लोग के देख भारी भीड़ जमा हो गईल।

भीड़ ए बेमेल जोड़ी के देख मजेदार से लेके फूहर-फूहर कटाक्ष तक कईलस लेकिन एकरा से ए जोड़ी प कवनो असर ना परल। बोधगया के अतिया निवासी 70 साल के रामाशीष यादव के बियाह वजीरगंज के रहेवाली 23 साल के लक्ष्मी के संगे कानूनी तरीका से सम्पन्न भईल।

पियर गमछा में लक्ष्मी संगे गेठजोराव करत 70 साल के उमर में दूल्हा बनल रामाशीष यादव सभका से 'सुखी जीवन' के आशीर्वाद तक मंगले। हालांकि कोर्ट में बियाह करे से पहिले रामाशीष अवुरी लक्ष्मी के बियाह हिन्दू रीति-रेवाज़ के मुताबिक विष्णुपद मंदिर में हो चुकल रहे, लेकिन भविष्य में कवनो प्रकार के संकट से निपटे खाती उ लोग फेर से कोर्ट में नोटरी के माध्यम से बियाह कईले।

कोर्ट में बियाह के बाद अपना दुल्हिन के चेहरा से घूँघट उठावत रामाशीष यादव कहले कि, अईसे त उ नात-बेटा वाला आदमी हवे लेकिन पछिला साल जब उनुका पत्नी के देहांत भईल तब से बेटा-पतोह उनुका संगे बहुत खराब व्यवहार करत रहे जेकरा चलते रहे-खाए के समस्या खड़ा हो गईल रहे। उ कहले कि, एकरे चलते उ फेर से ए उमर में बियाह करे प मजबूर हो गईले अवुरी आज बियाह क लेले।

ओने, 23 साल के उमर में 70 साल के मर्द के दुल्हिन बनल लक्ष्मी के कहानी एकदम अलग तरह के बा। लक्ष्मी के इ दूसरा बियाह ह, पहिलका पति बच्चा ना होखला के चलते उनुका के छोड़ देले बा अवुरी उनुका नईहर के परिवार गरीबी के चलते मजबूर बा।

हालांकि लक्ष्मी के कहनाम बा कि उ ए बियाह खाती अपना मर्ज़ी से तैयार भईल बाड़ी। उ कहली कि, पहिला पति के छोडला के बाद उ नईहर में गुजर-बसर करत रहली लेकिन माई-बाप के ना होखला से दिक्कत होखत रहे। एही सभके देखत उ 70 साल के आदमी संगे बियाह करे खाती तैयार हो गईली।

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