बिहार | सास-दामाद के प्रेम कहानी - पहिले बियाह फेर 17 दिन बाद तलाक

सूरज अवुरी आशा बेशक एकरा दूसरा के पति-पत्नी बन गईल रहले लेकिन दुनो के परिवार अवुरी समाज के लोग आज तक ए बियाह के कबूल नईखन कईले।

सूरज अवुरी आशा बेशक एकरा दूसरा के पति-पत्नी बन गईल रहले लेकिन दुनो के परिवार अवुरी समाज के लोग आज तक ए बियाह के कबूल नईखन कईले।

समाज के तमाम बंधन के धज्जी उड़ावत बियाह करेवाली सास-दामाद के जोड़ी के प्रेम कहानी बियाह के मात्र 17 दिन बाद पटरी से उतर गईल अवुरी अब दुनो लोग एकरा दूसरा से तलाक लेवे के अर्जी देले बाड़े।

बिहार के मधेपुरा ज़िला के पुरैनी निवासी सूरज मेहता अपना सास आशा देवी से 6 जून के पुर्णिया के धमदहा कोर्ट में बियाह कईले रहले। बियाह 17 दिन बाद तक सूरज के मड़ई नीहन मकान में एक संगे रहला के बाद 23 जून के दुनो लोग के अपना 'गलती' के एहसास भईल अवुरी कोर्ट में तलाक खाती अर्जी दाखिल कईले।

ए मामला में सूरज मेहता कहले कि, "हमरा अपना गलती के एहसास हो चुकल बा। हमनी से गलती भईल बा, लेकिन हम फेर अयीसन गलती ना दोहराईब। हम फेर से आशा देवी के फेर से अपना सास के रूप में कबूल करतानी अवुरी अपना पत्नी के मनावे के कोशिश में बानी।"

तलाक लेवे के फैसला में सूरज के सास से पत्नी बनल आशा देवी कहली कि, "हम सूरज के आपन दामाद मानतानी अवुरी तलाक खाती जरूरी कागजात अदालत में जमा क देले बानी। हम जल्दी से जल्दी अपना पति के लगे गईल चाहतानी।"

हालांकि, सूरज अवुरी आशा बेशक एकरा दूसरा के पति-पत्नी बन गईल रहले लेकिन दुनो के परिवार अवुरी समाज के लोग आज तक ए बियाह के कबूल नईखन कईले। शायद इहे कारण बा कि आज दुनो लोग के अपना गलती के एहसास हो चुकल बा अवुरी इ लोग तलाक लेवे प मजबूर हो गईल बाड़े।

सूरज के गांव, पुरैनी के पंचायत सरपंच उमेश साहनी कहले कि, "बियाह के बाद ए लोग के बुझाईल कि दुनो लोग सास अवुरी दामाद के पवित्र नाता के अपवित्र करत एगो 'बड़ पाप' क देले बाड़े। अयीसन संबंध के समाज में कवनो स्थान नईखे।"

मरुआही गाँव निवासी आशा देवी के पति सुरेन्द्र मेहता दिल्ली के एगो फ़ैक्टरी में चौथा दर्जा के कर्मचारी हवे, एहसे उ अपना गाँव के घर में अपना बेटी अवुरी 2 बेटा संगे रहेली।

आशा देवी के पड़ोसी पप्पू कहले कि, "सूरज के आशा देवी घरे बहुत जादे आनाजाना रहे। समूचा गाँव 2 साल से जानता कि आशा देवी अवुरी सूरज के बीच सेक्स संबंध बा।"

सूरज अवुरी आशा के बियाह के बारे में मिलल जानकारी के मुताबिक 5 जून के सूरज आशा के डॉक्टर से देखावे के बहाना गाँव से धमदहा ले आईल रहले, जहां दुनो लोग पहिले शिव मंदिर में बियाह कईले अवुरी अगिला दिन (6 जून) एगो स्थानीय वकील के मदद से कोर्ट में बियाह कईले। कोर्ट में बियाह खाती पेश एफ़िडेविट में दुनो आदमी अपना नाता के बारे में कवनो जानकारी नईखन देले।

सूरज के गाँव के निवासी उमेश राम कहले – "बियाह के बाद तरौना गाँव में सूरज के एगो रिश्तेदार के घरे इ लोग सुहागरात मनवले रहे।"

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