छठ पुजा 2016 के मुहूर्त, सूर्योदय अवुरी सूर्यास्त के समय

छठ पुजा 2016 के मुहूर्त, सूर्योदय अवुरी सूर्यास्त के समय

हिन्दू धर्म के कुछ सबसे पुरान त्योहार में से एक - छठ पुजा के मूलरूप से बिहार, झारखंड अवुरी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सा में मनावल जाला।

छठ पुजा के पीछे तमाम तर्क अवुरी श्रोत दिहल जाला। लेकिन ओ सभ में सबसे जरूरी सूरज भगवान के धन्यवाद दिहल बा। ए व्रत में धरती प अपना रोशनी से जीवन के कायम राखे खातिर सूरज के आभार जतावला के संगे-संगे परिवार के उन्नति खातिर प्रार्थना कईल जाला।

सनातन धर्म में सूरज के जीवन खातिर जरूरी ऊर्जा अवुरी ताकत देवे वाला भगवान मानल जाला, इहे कारण बा कि कुछ खास प्रकार के रोग (जईसे कि कुष्ठ) में सूरज के पुजा कईल जाला अवुरी मानल जाला कि अयीसन कईला से रोग खतम हो जाई। सूरज के लंबा उमर अवुरी परिवार के उन्नति खातिर भी ज़िम्मेवार मानल जाला।

छठ पुजा में 2 समय अर्घ दिहल जाला, पहिला अर्घ डुबत सूरज के परेला। ए अर्घ के "सूरज के आभार" जतावल मानल जाला – 'जीवन चलावे खातिर धन्यवाद'। दूसरा अर्घ सुबह (उगत सूरज) परेला, शास्त्र के मुताबीक, इ अर्घ छठी मईया के होखेला। शास्त्र में छठी मईया के उषा के देवी माने 'भोर के देवी' कहल बा। संगही, एही अर्घ में सूरज से परिवार के उन्नति देवे के प्रार्थना कईल जाला।

कार्तिक महिना के छठवा दिन होखेवाला ए त्योहार के नियम बहुत कड़ा अवुरी कठिन बा। ए पर्व में वर्ती के 36 घंटा तक उपवास राखे के होखेला।

छठ पुजा एगो चार दिन तक चलेवाला त्योहार बा, जवना में हरेक दिन खातिर अलग-अलग नियम अवुरी अनुष्ठान बा। पहिला दिन के नहाय-खाए कहल जाला, दूसरा दिन के खरना, तीसरा दिन के संझवत अवुरी चउथा दिन के सरगही भा पराती कहल जाला।

ए साल के छठ 4 नवम्बर 2016 से शुरू हो चुकल बा, त चली जानल जाए कि कवन दिन का-का अवुरी कब-कब करे के चाही -

रविवार, 6 नवम्बर 2016 (षष्ठी, संध्या अर्घ – संझवत)
सूर्योदय : 06:37 सूर्यास्त : 17:32
षष्ठी तिथि :
5 नवम्बर के सुबह 10 बजके 47 मिनट से 6 नवम्बर के 12 बजके 16 मिनट तक
शुभ मुहूर्त : 29 अक्टूबर 2014 के साँझ 5 बजके 32 मिनट

सोमवार, 7 नवम्बर 2016 (सप्तमी, सबेरे के अर्घ, पारन)
सूर्योदय : 06:38
सूर्यास्त : 17:32
सप्तमी तिथि : 6 नवम्बर 2016 के दिन 12 बजके 16 मिनट से 7 नवम्बर 2016 के दिन 13 बजके 09 मिनट तक
शुभ मुहूर्त : 7 नवम्बर 2016 के सुबह 6 बजके 38 मिनट

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