कम उमर में माथा के बाल सफ़ेद भईल दिल के बेमारी के चेतावनी हो सकता

कम उमर में माथा के बाल सफ़ेद भईल दिल के बेमारी के चेतावनी हो सकता

उमर से पहिले बाल सफ़ेद होखल एगो खतरनाक संकेत हो सकता। एगो अध्ययन के बाद जारी भईल रिपोर्ट में कहल गईल कि, जल्दी बाल सफ़ेद भईल दिल के बेमारी के संकेत हो सकता। रिपोर्ट में कहल गईल कि अयीसन लोग जल्दी दिल के बेमारी के चपेट में चल आवेले।

शोध करेवाला कहले कि, नस के भीतरी के दीवाल प चिकनाई के जमा होखे अवुरी बाल के सफ़ेद होखे के प्रक्रिया में बहुत कुछ एके नीहन बा। उमर बढ़ला के संगे दुनों में बढ़ोतरी होखेला। खराब भईल डीएनए, तनाव, सूजन, हार्मोन में बदलाव अवुरी त्वचा में बुढ़ापा के लक्षण जईसन चीज दुनो प्रक्रिया में होखेला।

रिपोर्ट के मुताबिक, नस में कड़ापन (आर्टरिओस्क्लेरोसिस) के एगो अयीसन स्थिति आवेले जेकरा में नस के भीतरी के दीवाल प चिकनाई जमे लागेला। ए चरण के एथेरोस्केलेरोसिस कहल जाला। एकरा से नस में खून के बहे के रास्ता पातर हो जाला।

मिस्र के काहिरा विश्वविद्यालय के शोधकर्ता सैकड़ों वयस्क लोग के अध्ययन कईला के बाद कहले कि, अध्ययन में शामिल सभ लोग के नस के भीतरी के जांच 'सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी' तकनीक से कईल गईल। ए जांच के मकसद भाग लेवे वाला लोग में दिल के बेमारी अवुरी दिल से प्रमुख नस में खून के बहाव के स्थिति के जानकारी लिहल रहे।

ए जांच के नतीजा के आधार प शोधकर्ता दिल के बीमारी (कोरोनरी आर्टरी डिजीज) अवुरी सफ़ेद बाल वाला लोग के अलग-अलग समूह में बाँट दिहले। बाल में सफेदी के मात्र के आधार प सफ़ेद बाल वाला लोग के अंक तय भईल।

अध्ययन में शामिल हरेक प्रतिभागी के तनाव, मधुमेह, रक्तचाप, धूम्रपान अवुरी दिल के बेमारी समेत आंकड़ा के विश्लेषण से पता चलल कि जवना लोग के बाल जादा सफ़ेद बा, ओ लोग में दिल के बेमारी होखे के खतरा जादे बा।

शोधकर्ता ईरीनी सैमुअल बतवले कि, उनुका शोध से पाता चलल बा कि उमर कम होखला के बावजूद बाल में आईल सफेदी दिल के बीमारी के चेतावनी हो सकता।

इ अध्ययन स्पेन के मालागा में 6 से 8 अप्रैल तक चलल 'यूरोपियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी' (ईएपीसी) के सालाना कांग्रेस 'यूरोप्रिवेंट 2017' में पेश भईल बा।

  • Share on:
Loading...