बहुत जल्दी महागठबंधन के गांठ खुल सकता, तेजस्वी कठोर वचन बोलत एगो काड़ा फैसला कईले!

बहुत जल्दी महागठबंधन के गांठ खुल सकता, तेजस्वी कठोर वचन बोलत एगो काड़ा फैसला कईले!

बिहार के महागठबंधन के राष्ट्रपति चुनाव से बचावे के प्रयास के बीच राजद अवुरी जदयू के ओर से एक दूसरा प होखत हमला बतावता कि फिलहाल दुनो में से केहु झुके के तैयार नईखे।

एही बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के छोटका बेटा अवुरी राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव एक ओर राजद के नेता लोग के सोच-समझ के बोले के सलाह दिहले त दोसरा ओर खुद कुछ अयीसन कह दिहले, जवन कि बड़े-बड़े राजनीतिक पंडित के सोचे प मजबूर क दिहलस।

महागठबंधन के अटूट बतावत रविवार के तेजस्वी कहले कि, "राजद के नेता बिना मतलब के बयानबाजी मत करस, लालू जी ए बयानबाजी से दुखी बाड़े अवुरी हम खुद सभ लोग के बयान प नज़र रखले बानी।"

संगही एगो दोसर बयान में तेजस्वी कहले कि, "मौका के फायदा उठा के चाहे राजनीतिक जोड़तोड़ के संगे हमनी के तुरंत कुछ हासिल हो सकता, सरकार बन चाहे बिगड़ सकता लेकिन जनता के हित वाली राजनीति के चादर बड़ होखे के चाही। इतिहास हर क्षण के बहुत गंभीर होके देखेला अवुरी व्यवख्या करेला। उ टीवी चैनल के एंकर निहन तुरंत फैसला ना सुनावे।"

तेजस्वी के पहिला बयान के महागठबंधन के दरार पाटे के प्रयास बतावल गईल जबकि दुसरका बयान के सीधा-सीधा नीतीश कुमार प हमला मानल जाता। ए बयान के बाद जहां जदयू के व्यवहार में रूखापन आ गईल उहें एगो नाया चर्चा जन्म ले लिहलस।

खबर बा कि तेजस्वी अपना परिवार प रोज-रोज होखत हमला अवुरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के व्यवहार में आइल बदलाव के देखत अब एगो काड़ा फैसला के तैयारी में बाड़े। मीडिया रिपोर्ट अवुरी सूत्र से मिलत जानकारी के मुताबिक तेजस्वी लगभग तय क चुकल बाड़े कि, 'गठबंधन टूटे के स्थिति में उ विपक्ष के नेता के पद ग्रहण करीहे'। संगही, 'गठबंधन के बचावे खाती उ जदयू चाहे नीतीश कुमार के बेमतलब बयानबाजी अवुरी उटपटांग फैसला के कबूल ना करीहे।'

बतावल जाता कि तेजस्वी पछिला कुछ दिन में भईल राजनीतिक उठापटक से दुखी बाड़े अवुरी एकरा प अब लगाम लगावे के तैयारी क लेले बाड़े। उ एकरो से जादे ओ बात से दुखी बाड़े जवना में कहल जाता कि 'लालू अपना दुनो बेटा के चलते धृतराष्ट्र निहन रोज नीतीश कुमार के ओर से होखत अपमान के सहतारे'।

ए सबसे परेशान हो चुकल तेजस्वी अवुरी लालू परिवार अब 'आरपार के लड़ाई' के मन बना चुकल बा। तेजस्वी के करीबी लोग के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री साफ क चुकल बाड़े कि उ 'अब डर चाहे दबाव के राजनीति ना' करीहे।

पछिला शुक्रवार के उनुका इफ्तार पार्टी में पहुंचल नीतीश कुमार जब विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार मीरा कुमार के बारे में कहले कि "विपक्ष हारे खाती 'बिहार के बेटी' के राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनवले बा," त तेजस्वी तुरंत जवाब देत कहले "मैदान में उतरे से पहिले हार-जीत के फैसला कईसे हो सकता? हार-जीत से जादे बड़ चीज़ विचारधारा होखेला।"

सूत्र के मुताबिक ए बयान से पहिले तेजस्वी अपना पिता लालू प्रसाद यादव अवुरी बिहार के राजनीति में खास स्थान राखे वाला शिवानंद तिवारी समेत कुछ वरिष्ठ लोग से सलाह लेले रहले। एकरे नतीजा रहे कि इफ्तार पार्टी में नीतीश के मौजूद रहला के बावजूद लालू परिवार बहुत हद तक शांत देखाई दिहलस।

लालू यादव के बहुत करीबी लोग के हवाला से एगो रिपोर्ट में कहल गईल कि "तेजस्वी साफ-साफ संदेश दे चुकल बाड़े कि अब बनरघुड़की से उ डेराए वाला नईखन। अब आर-पार के लड़ाई होई अवुरी एकरा खाती 'लालू सेना' तैयार बिया।"

लालू के करीबी लोग के मुताबिक "सहे के एगो सीमा होखेला। इ आदमी (नीतीश) अपना लटकन-झटकन से रोज लालू के गारी दिआवता।" उ लोग आगे कहले "नाश्ता संगे, खाना संगे, खेलब-कुदब संगे, लेकिन सुतब दोसरा संगे। अयीसन परिवार कईसे चल सकता?"

राजद के एगो पूर्व सांसद आ लालू के करीबी मानल जाए वाला नेता कहले – "महागठबंधन बनावे के एकमात्र मकसद भाजपा के बिहार से हमेशा खाती उखाड़ फेंकल रहे। लेकिन सरकार बनला के बाद इ आदमी भाजपा के गोदी में बैठ के हमनी के कब्र बनावे लागल।"

उ कहले कि, सभके मालूम बा कि एही आदमी के इशारा प साजिश रच के लालू परिवार के भ्रष्ट साबित करे के प्रयास होखता। इहे आदमी सुशील कुमार मोदी के सटा-पटा के लालू के खिलाफ बोलवावता।

ऐने तेजस्वी के बयान से जदयू तक परेशान देखाई देतिया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह कबूल कईले कि 'तेजस्वी के बयान परेशान करे वाला बा'। हालांकि उ कहले कि "केहु जदयू के 'हुक्म' नईखे दे सकत, राजद दोसरा के सलाह देवे के बदला पहिले खुद गठबंधन धर्म निभावे।"

एही बीच वर्तमान राजनीतिक उठापटक अवुरी राष्ट्रपति चुनाव के चलते पैदा भईल हालत प फैसला लेवे खाती जदयू 2 जुलाई के राज्य कार्यकारिणी अवुरी 24 जुलाई के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आपातकालीन बैठक बोलवले बिया।

ए सभ घटना के देखत बिहार के राजनीतिक गलियारा में महागठबंधन के टूटे के उल्टा गिनती शुरू हो चुकल बा। महागठबंधन में शामिल तीनों दल के नेता के संगे-संगे एनडीए के तमाम नेता भी बस ओ घोषणा के इंतज़ार करतारे, जवना में महागठबंधन टूटला के बात कहल जाई।

ए सभ में अभी तक शांत अवुरी चुप देखाई देत कांग्रेस पार्टी असल में शांत नईखे। कांग्रेस अपना अंदाज़ के मुताबिक लगातार नीतीश कुमार प हमला करतिया लेकिन मीडिया में ओकरा बयान से जादे राजद के बयान के जगह मिलता।

कांग्रेस के सूत्र के मानल जाए त पार्टी तय कईले बिया कि 'नीतीश कुमार के संगे रह के रोज-रोज फजीहत होखला से नीमन बा कि विपक्ष में बईठ के खुलेआम दु-दु हाथ कईल जाए'। पार्टी के नेता साफ-साफ कहतारे कि, 'कांग्रेस महागठबंधन में बिया अवुरी रही, नीतीश कुमार रहीहे कि ना रहीहे, एकर फैसला उ खुद करस।'।

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