सुशील मोदी अवुरी नीतीश कुमार के ढंग से छंटाई करत मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार

सुशील मोदी अवुरी नीतीश कुमार के ढंग से छंटाई करत मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार

मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार के संगे अब एगो अवुरी चर्चा शुरू हो गईल। ए चर्चा के कारण बिहार के राजनीति बाटे। एक ओर ए विस्तार में बहुत चर्चा के बावजूद जदयू के हाथ खाली बा त दोसरा ओर बिहार के उपमुख्यमंत्री अवुरी भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी के घोर विरोधी दु-दु नेता मंत्री बन गईले।

भाजपाई राजनीति के ए रूप के बारे में अभी तक भ्रम के स्थिति बा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अवुरी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सहमति से भईल फेरबदल के बारे में राजनीति के बड़े-बड़े जानकार तक एकमत नईखन। कुछ लोग के कहनाम बा कि मोदी-शाह के जोड़ी जानबूझ के जदयू, खासतौर प नीतीश कुमार के उनुकर औकात देखवले बिया, त कुछ लोग के कहनाम बा कि चूंकि ए फेरबदल में सिर्फ भाजपा के नेता शामिल रहले, एहसे जदयू के निराश होखे लायक कुछूओ नईखे।

लेकिन सबसे बड़ सवाल बक्सर के भाजपा सांसद अश्विनी चौबे अवुरी आरा के भाजपा सांसद आरके सिंह के मंत्री बनला के चलते खाड़ा भईल बा। हमेशा चर्चा होखेला कि बिहार के सुशील मोदी सीधा-सीधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अवुरी अमित शाह के संपर्क में रहेले अवुरी बिहार भाजपा के हरेक कदम सुशील मोदी के मन से उठेला।

मानल त इहाँ तक जाता कि नीतीश कुमार संगे गठबंधन क सरकार बनावे के फैसला भी सुशील मोदी के एकतरफा फैसला रहे, जवना प केंद्रीय नेतृत्व के मोहर लागल रहे। लेकिन, अब लागता कि बिहार के मोदी अवुरी दिल्ली के मोदी के बीच 'सबकुछ ठीक नईखे', कहीं ना कहीं, कुछ ना कुछ त गड़बड़ जरूर बा।

जदयू के मंत्रिमंडल में जगह ना मिले अवुरी अश्विनी चौबे आ आरके सिंह के मंत्री पद मिले से त इहे लागता कि बिहार में भाजपा बेशक नीतीश कुमार संगे सरकार चलावत होखे लेकिन नरेंद्र मोदी अवुरी अमित शाह के मन में नीतीश कुमार खाती जवन कड़वाहट अवुरी कटुता कुछ समय पहिले तक रहे, उ जस के तस बाटे।

एकरा संगही सुशील मोदी प बिहार विधानसभा चुनाव के टिकट बेचे के आरोप लगावे वाला आरके सिंह अवुरी नीतीश संगे गठबंधन के विरोध करेवाला अश्विनी चौबे के मिलल मंत्री पद बतावता कि केंद्रीय नेतृत्व के नज़र में सुशील मोदी के कद में भारी कटौती भईल बा।

चौबे अवुरी सिंह के बिहार भाजपा में सुशील मोदी के कट्टर विरोधी के रूप में जानल जाला। कहल जाला कि सुशील मोदी के विरोध के चलते आज तक अश्विनी चौबे अवुरी आरके सिंह के केंद्रीय मंत्रिमंडल से दूर राखल रहे।

राम मंदिर आंदोलन के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के निर्देश प लाल कृष्ण आडवाणी के रथ रोकेवाला आरके सिंह त केंद्रीय गृह सचिव के पद से रिटायर होखला के बाद 2014 के आसपास भाजपा में शामिल भईल रहले लेकिन अश्विनी चौबे त अयीसन नाम ह जवन कि सुशील मोदी के सालों से लगातार विरोध करत आईल।

एही राजनीतिक दुश्मनी के नतीजा रहे कि 2014 के लोकसभा चुनाव के मौका प सुशील मोदी जानबूझ के चौबे के भागलपुर से निकाल के बक्सर पहुंचा दिहले। ओ जगह पहुंचा दिहले, जहां अश्विनी चौबे के नामलेवा तक ना रहे। हालांकि किस्मत चौबे के संगे रहे, उ बक्सर से चुनाव जीत गईले अवुरी भागलपुर से उनुका जगह चुनाव लड़ल शाहनवाज़ हुसैन के हार के मुंह देखे के परल। मानल जाला कि शाहनवाज़ के हारे के पीछा चौबे अवुरी सुशील मोदी के अनबन के प्रमुख भूमिका रहे।

चौबे अवुरी मोदी के बीच अनबन के आलम इ बा कि जुलाई महीना में जब भाजपा नीतीश कुमार संगे गठबंधन करे चलल त अश्विनी चौबे खुलेआम एकर विरोध कईले अवुरी एकरा के सिर्फ सुशील मोदी के फैसला बतवले।

सुशील मोदी के नीतीश कुमार संगे सरकार बनावे के फैसला प बेशक केंद्रीय नेतृत्व के मोहर लागल होखे, लेकिन लागता कि नरेंद्र मोदी ओ दिन के नईखन भुलाईल जब नीतीश कुमार भोज के नेवता दिहला के बाद ऐन मौका प भोज रद्द क देले रहले। मोदी एकरा के पत्तल खिंचल करार देले रहले।

आज नीतीश कुमार फेर से एनडीए में बाड़े, लेकिन लागता कि मोदी अवुरी शाह के जोड़ी इनिका खाती कवनो दोसर चीज़ सोच के रखले बिया। शायद अयीसन चीज़ जवन कि अभी तक चर्चा में नईखे आईल। शायद अयीसन चीज़ जेकर कल्पना नीतीश कुमार तक ना कईले होइहे।

सूत्र के मुताबिक गठबंधन होखला के उत्साह में नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्रिमंडल में एक कैबिनेट मंत्री अवुरी एक राज्य मंत्री समते कुल दु पद के मांग कईले रहले। नीतीश कुमार के लागत रहे कि बिहार में भाजपा के मुंहमांगा पद दिहला के चलते उनुकर मांग त जरूर पूरा होई। सूत्र के दावा बा कि मोदी-शाह के जोड़ी जदयू के 'औकात' बतावे के मंशा के संगे सिर्फ एक राज्य मंत्री के पद देवे के प्रस्ताव देलस, जवना के जदयू खारिज क देलस।

नतीजा आज सभके सोझा बा। तमाम चर्चा के बावजूद जदयू के हाथ खाली बा अवुरी भाजपा-जदयू गठबंधन के भविष्य तक प अंदाज़ाबयानी शुरू हो गईल बा। ए सभ में सुशील मोदी के स्थिति सबसे जादे अझुराईल बा। उनुका लगे ए सभ से जुडल कवनो सवाल के जवाब नईखे। उ अपना करीबी से करीबी लोग तक के नईखन बता पावत कि अश्विनी चौबे अवुरी आरके सिंह के मंत्री पद काहें मिलल अवुरी जदयू के काहें ना मिलल।

कुल मिला के कहल जाए त नरेंद्र मोदी अवुरी अमित शाह के जोड़ी बिहार के राजनीति में शूरमा कहाए वाला सुशील कुमार मोदी अवुरी नीतीश कुमार के बहुत ढंग से छंटाई कईले बिया अवुरी ए छंटाई के नतीजा अगिला कुछ दिन में साफ-साफ देखाई देवे लागी।

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