आदि कवि कबीर अवुरी 'पगला कहेला ना' के समझे में कल्पना के 16 साल लागल

भोजपुरी गायकी आपन एगो अलग स्थान राखे वाली मशहूर गायिका कल्पना अपना एल्बम, जवन कि "निर्गुन" शैली में रहे, से बहुत उत्साहित बाड़ी। कल्पना के ए एल्बम के नाम बा 'पगला कहेला ना'।

कल्पना कहली कि, "हमरा जीवन में 'पागल कहेला ना' के बहुत जादे महत्व बा। पहिलहूँ रहे। लेकिन तब एकर महत्व एहसे रहे काहेंकी इ बहुत बड़ हिट रहे।"

व्यापारिक तौर प अपना समय में बहुत हिट रहल ए एल्बम के बारे में कल्पना कहली कि "जब एल्बम आईल रहे तब हम सिर्फ 23 साल के रहनी, एहसे ओ समय सिर्फ एकर व्यापारिक पक्ष समझ में आईल।"

उ कहली कि "आज जब ए एल्बम के अईला 16 साल हो गईल त हमरा मन में 'पागल कहेला ना' गीत के एक-एक शब्द से संगीत के कुछ अलग प्रकार के सुर निकलता। कुछ अलग प्रकार के अनुभव होखता।"

कल्पना कहली कि कबीर के रचना प आधारित "निर्गुन" के गवला के 16 साल बाद अब ओकरा के समझे के कोशिश करतानी। हम हैरान बानी कि संत कबीर भोजपुरी के शुरुआती कवि रहले। बिहार के चम्पारण में संत कबीर पहिला बेर उपदेश देले रहले

लेकिन कल्पना के एही बात के सगे एगो सवाल उठता कि संत कबीर के मूल भाषा भोजपुरी रहे कि ना रहे? विडियो देखीं, सुनी अवुरी बतायीं।

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