भाजपा-जदयू के दरार समय से पहिले झलके लागल, पटका-पटकी के बीच हावी होखे के कोशिश

भाजपा-जदयू के दरार समय से पहिले झलके लागल, पटका-पटकी के बीच हावी होखे के कोशिश

बिहार के सत्ताधारी जदयू-भाजपा गठबंधन में समय से पहिले दरार परे के आहट सुनाई देवे लागल। करीब 4 साल तक एक दूसरा से राजनीतिक दुश्मनी निभावला के बाद दुनो दल में दोस्ती भईल, लेकिन ए दोस्ती के बीच अब राजनीतिक रोड़ा खड़ा हो गईल बा।

एक ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दहेज अवुरी बाल विवाह विरोधी अभियान प भाजपा नेता सीपी ठाकुर के सवाल से जदयू नाराज़ बिया त दोसरा ओर बुधवार के आरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत संगे मंच साझा कईला से नीतीश कुमार माना क भाजपा के दुखी क देले।

भागवत संगे मंच ना साझा कईला प भाजपा के वरिष्ठ नेता नवल किशोर यादव कहले कि "संघ के मतलब भाजपा, भाजपा के मतलब संघ होखेला। जदी जदयू के भाजपा के संगे कवनो परेशानी नईखे त संघ प्रमुख मोहन भागवत से कवनो परेशानी ना होखे के चाही।"

यादव के बयान प काड़ा प्रतिक्रिया देत जदयू के प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह कहले, "हमनी के नईखे मालूम कि के बोलता आ का बोलता। लेकिन केहु नीतीश कुमार के फैसला प सवाल चाहे अंगुरी नईखे उठा सकत।"

एकरा से पहिले मंगलवार के भाजपा के वरिष्ठ नेता सीपी ठाकुर बाल विवाह अवुरी दहेज विरोधी अभियान प सवाल खाड़ा करत कहले कि उनुका ए अभियान से कवनो परेशानी नईखे लेकिन एकरा के लागू करे खाती जवन कानून बनावल जाता ओकरा में कुछ अयीसन प्रावधान बा जवन कि ठीक नईखे।

ठाकुर कहले, "दहेज विरोधी कानून में बेकसूर लोग के फंसावल जाई। ए कानून में हरेक दूल्हा-दुल्हिन के दहेज में मिलल समान के सूची अधिकारी के सोझा पेश कईल जरूरी बनावल जाता, जवना के नाजायज इस्तेमाल होई।"

ओने बुधवार के आरा में आयोजित यज्ञ में जब नीतीश कुमार अवुरी मोहन भागवत अलग-अलग शामिल होखेवाला रहते त नवल किशोर यादव कहले कि नीतीश कुमार के सार्वजनिक जीवन में मोहन भागवत से दूरी ना बनावे के चाही।

लेकिन, नीतीश कुमार ठीक इहे कईले। उ यज्ञ में त शामिल भईले लेकिन मोहन भागवत से अलग। यज्ञ समिति से जुडल सूत्र के मुताबिक मुख्यमंत्री कार्यालय से समिति के निर्देश मिलल रहे कि उ मुख्यमंत्री के कार्यक्रम सुबह राखे, जबकि मोहन भागवत दुपहर के बाद यज्ञ में शामिल होखेवाला रहले।

ऐने बिहार में जदयू के नेता भाजपा प दोहरा चाल चले के आरोप लगावतारे। जदयू के वरिष्ठ नेता नाम ना प्रकाशित करे के शर्त प कहले कि भाजपा नेतृत्व बिहार अवुरी बाकी राज्य में अलग-अलग चाल चलता। उ कहले कि बिहार में भाजपा अईसन बर्ताव करतिया जईसे उ बड़का भाई होखे, जबकि एकरा लगे सिर्फ 53 विधायक बाड़े।

उ कहले कि, "2005 में सरकार बने से लेके आज तक बिहार में जदयू बड़ भाई के भूमिका में रहल बिया। लेकिन अब भाजपा छोट भाई बने प तैयार नईखे।" उ कहले कि जुलाई में भाजपा संगे सरकार बनला के बाद पार्टी के आशा रहे कि बिहार खाती घोषित विशेष पैकेज मिल जाई, लेकिन इ काम अभी तक नईखे भईल।

ओने भाजपा के नीति साफ-साफ नीतीश के कुर्मी वोट बैंक प कब्जा करेवाली लागता। नीतीश के गढ़ कहाए वाला नालंदा में भाजपा एगो कुर्मी नेता के चेहरा आगे क के कुर्मी वोटबैंक में सेंध लगावे के प्रयास करत देखाई देतीया। एकरा अलावे भाजपा "न्यू बिहार" नाम से एगो अभियान शुरू करेवाली बिया जवना के मकसद समाज के हरेक वर्ग तक पहुंचावल होई।

एगो भाजपा नेता कहले, "भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पार्टी के बिहार के नंबर एक पार्टी बनावल चाहता अवुरी एकरा खाती कुछूओ करे प तैयार बा।" एकरा संगही, खुद अमित शाह कह चुकल बाड़े कि भाजपा अगिला लोकसभा चुनाव में राज्य के 40 सीट प लड़े के तैयारी करतिया।

अमित शाह के बयान के बाद जदयू कहलस कि उहो राज्य के 40 सीट प चुनाव लड़े खाती अपना कार्यकर्ता अवुरी पार्टी के तैयार करतिया। बिहार के राजनीति के जानकार मानतारे कि आज के हालत में भाजपा 2019 में कवनो कीमत प जदयू के 7 से अधिक सीट चुनाव लड़े खाती ना दिही। भाजपा के लोग ए आंकड़ा के पक्ष में तर्क देतारे कि 2014 में 2 सीट जीतेवाली जदयू खाती 7 सीट बहुत होई।

एकरा अलावे एगो अवुरी स्थिति बिया जवन भाजपा संगे जदयू के राह में रोड़ा बनल बिया। पछिला लोकसभा चुनाव में भाजपा अकेले 22 सीट, रामविलास पासवान के लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) 6 अवुरी उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) 3 सीट जीतले रहे।

लोजपा अवुरी रालोसपा के अलावे अब जीतनराम मांझी के हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा भी एनडीए के हिस्सा बिया। अगिला लोकसभा चुनाव में भाजपा, रालोसपा अवुरी लोजपा आपन-आपन जीतल सीट प त चुनाव जरूर लड़ल चाही, जबकि मांझी के भी कम से कम 2 सीट जरूर मिली।

जदी सभ दल आपन-आपन जीतल सीट प चुनाव लड़ी अवुरी मांझी के 2 सीट मिली त 40 लोकसभा क्षेत्र वाला बिहार में नीतीश के जदयू खाती 7 सीट बाचता। याद रहे कि 2009 के लोकसभा चुनाव में जब भाजपा-जदयू एक संगे रहे त जदयू खुद राज्य के 25 सीट प जबकि भाजपा 15 सीट प आपन उम्मीदवार उतरले रहे।

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