बिहार के अगरबत्ती बेचे वाला मकान बेच के बेटी पढ़वलस, बदला में जवन मिलल ओकर त कल्पना तक रहे

बिहार लोकसेवा आयोग (बीपीएससी) के ओर से आयोजित 29वां न्यायिक परीक्षा में  173वां रैंक हासिल करेवाली रूपा राज

बिहार लोकसेवा आयोग (बीपीएससी) के ओर से आयोजित 29वां न्यायिक परीक्षा में 173वां रैंक हासिल करेवाली रूपा राज

बिहार के मोतीहारी निवासी बैद्यनाथ प्रसाद शाह अवुरी उनुका बेटी के कहानी जवन कि हरेक आदमी के दिल के छु जाई। चेहरा प मुस्कान अवुरी आँख में लोर भर दिही।

मोतीहारी में अगरबत्ती अवुरी लॉटरी के टिकट बेच के जीवन गुजारे वाला बैद्यनाथ प्रसाद शाह 10 साल पहिले मकान समेत आपन सबकुछ बेच के अपना 14 साल के बेटी रूपा के पढ़ावे के ठनले अवुरी दिल्ली चल अईले। रूपा तब दिल्ली में सादिक़ नगर के केंद्रीय विद्यालय में पढ़त रहली।

लेकिन, जब वैद्यनाथ शाह (52 साल) बेटी के बढ़िया से बढ़िया शिक्षा देवे के सोचले रहले त उ सोचलहू ना रहले कि उनुका संगे अयीसन होई।

लक्ष्मी, रुचि अवुरी रूपा नाम के तीन बेटी के पिता बैद्यनाथ प्रसाद शाह के आज अपना तीनों बेटी प गर्व बा। जवना बेटी के पढ़ावे खाती उ आपन घर-बार बेचले ओकरा में से रूपा (24 साल) आज जज बन गइल बाड़ी। जबकि रुचि चीन में डॉक्टर बाड़ी आ लक्ष्मी दिल्ली के बिहार भवन में काम करतारी।

जहां तक रूपा के सवाल बा, त तीनों बहिन में सबसे छोट रूपा बियाह के बाद अपना पढ़ाई के जारी रखली अवुरी पुणे से एलएलबी कईला के बाद ए साल बिहार लोकसेवा आयोग (बीपीएससी) के ओर से आयोजित 29वां न्यायिक परीक्षा में 173वां रैंक हासिल क के जज के ट्रेनिंग करतारी।

रूपा के कहनाम बा कि ट्रेनिंग पूरा भईला के बाद उ अपना पिता बैद्यनाथ प्रसाद शाह के उ मकान उपहार में दिहे, जवन कि उनुकर पिता उनुका पढ़ाई खाती बेच देले रहले।

रूपा एगो अंग्रेज़ी अखबार संगे बातचीत में कहली कि, "हम बहुत किस्मतवाली बानी कि अयीसन पिता हमरा मिलले, जवन कि अपना बेटी खाती सभ संपत्ति बेच देले। उ जवन हमनी (तीनों बहिन) खाती कईले, ओकरा के कबहूँ नईखी भुला सकत। उनुका खाती कुछू करे के अब हमनी के बारी बा।"

मालूम रहे कि बैद्यनाथ शाह 2014 तक अगरबत्ती बनावे अवुरी बेचे के काम करत रहले, लेकिन 2014 में रुचि, दुसरकी बेटी के चीन में डॉक्टर बनला के बाद से उ ए काम के छोड़ देले बाड़े।

जहां तक सबसे बड़की बेटी लक्ष्मी के बात बा त उ फिलहाल दिल्ली के बिहार भवन में कम करतारी आ लेक्चरर स्तर के राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) के पास क लेले बाड़ी। लक्ष्मी बहुत जल्दी बिहार भवन के नोकरी के छोड़ के कॉलेज शिक्षक के नोकरी में देखाई दिहे।

  • Share on:
Loading...