जीएसटी के चलते बिहार, झारखंड अवुरी उत्तर प्रदेश समेत 17 राज्य के राजस्व में 17 से 59 प्रतिशत के कमी

जीएसटी के चलते बिहार, झारखंड अवुरी उत्तर प्रदेश समेत 17 राज्य के राजस्व में 17 से 59 प्रतिशत के कमी

केंद्र सरकार चाहे जवन कहे, जवन करे लेकिन जीएसटी के लागू होखला के बाद पहिला तिमाही में पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश समेत देश के 17 राज्य के राजस्व में 17 प्रतिशत से 59 प्रतिशत के बीच गिरावट आईल।

केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली को छोड़ के देश के अयीसन एको राज्य नईखे जहां जीएसटी से मिलल राजस्व अनुमानित लक्ष्य तक पहुंचल होखे। हालांकि दिल्ली में लक्ष्य से अधिक वसूली भईल, लेकिन इ बढ़त मात्र 0.2 प्रतिशत के रहे।

ए सभके बावजूद गुजरात के विधानसभा चुनाव में जीएसटी के चलते भारी विरोध के सामना करत भाजपा के अगुवाई वाली केंद्र के मोदी सरकार पछिला सप्ताह 215 समान प जीएसटी के दर कम क देले बिया। जीएसटी दर में भईल ए कटौती के सीधा असर केंद्र अवुरी राज्य के राजस्व प पड़ी।

एक जुलाई 2017 से देश भर में जीएसटी लागू भईल रहे। ए दौरान पहिला तिमाही जुलाई से सितंबर के बीच देश के बड़े-बड़े राज्य के राजस्व में जदी 25 से 59 प्रतिशत के गिरावट आईल जबकि अकेले अक्टूबर में 7,560 करोड़ रुपया के गिरावट दर्ज भईल।

हालांकि राज्य के फिलहाल ए गिरावट से कवनो नुकसान नईखे होखेवाला काहेंकी जीएसटी के चलते राज्य के राजस्व में आवेवाला गिरावट के भरपाई केंद्र सरकार करी। लेकिन सवाल बा कि जदी इ गिरावट असही जारी रही त केंद्र सरकार कब तक अवुरी कहाँ से एकर भरपाई करी?

जीएसटी से जुडल राजस्व के बारे में जाने वाला विशेषज्ञ लोग के राय बा कि पछिला समान जवना प्रकार से जीएसटी दर में कटौती भईल बा, ओकरा से सरकारी खजाना के 20,000 करोड़ रुपया के चोट पहुंची। मतलब 20 हज़ार करोड़ के कम वसूली होई। अयीसना में राज्य के राजस्व प असर पड़ी अवुरी राजस्व में गिरावट आईल जवना के भरपाई केंद्र सरकार के अपना ओर से करे के होई।

मालूम रहे कि सितंबर महीना में 7,988 करोड़ रुपया केंद्र सरकार जीएसटी के चलते राज्य के भईल नुकसान के भरपाई खाती दे चुकल बिया, जबकि अक्टूबर महीना में इ आंकड़ा 8,013 करोड़ रुपया के बाटे। इ हालत भविष्य खाती बहुत भयानक बा।

जीएसटी के चलते राजस्व के लक्ष्य में भारी गिरावट दर्ज करेवाला राज्य

क्रम संख्याराज्य के नामराजस्व में गिरावट
1पुद्दुचेरी59 प्रतिशत
2उत्तराखंड50 प्रतिशत
3छत्तीसगढ़43 प्रतिशत
4बिहार41 प्रतिशत
5पंजाब39 प्रतिशत
6झारखंड32 प्रतिशत
7मध्य प्रदेश25 प्रतिशत
8गोवा22 प्रतिशत
9उत्तर प्रदेश17 प्रतिशत
10हरियाणा16 प्रतिशत
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