बिहार में लईका-लईकी प्रेम-प्रसंग में घर से भागेले, लेकिन अपहरण के प्राथमिकी दर्ज होखेला

बिहार में हर महीना सैकड़ो अयीसन मामला दर्ज होखेला, जवना में अपना प्रेमी संगे घर से भागल लईकी के परिवार दावा करेला कि लईका, लईका के दोस्त-साथी आ लईका के परिवार उनुका नाबालिग बेटी के बहला-फुसुला के अपहरण क लेले बा।

बिहार में हर महीना सैकड़ो अयीसन मामला दर्ज होखेला, जवना में अपना प्रेमी संगे घर से भागल लईकी के परिवार दावा करेला कि लईका, लईका के दोस्त-साथी आ लईका के परिवार उनुका नाबालिग बेटी के बहला-फुसुला के अपहरण क लेले बा।

बिहार समेत पूरा देश में प्रेम-प्रसंग में घर से भागे वाला लोग बाड़े। लेकिन सच्चाई बा कि घर से भागल ए प्रेमी जोड़ा के खिलाफ अपहरण के मामला दर्ज करावल जाला आ लईकी के नाबालिग करार देवे के प्रयास होखेला। कुछ मामला में लईकी सचमुच नाबालिग होखेले, लेकिन अयीसन स्थिति हमेशा ना रहेला।

जहां तक बिहार के सवाल बा त इहाँ हर महीना सैकड़ो अयीसन मामला दर्ज होखेला। अयीसन मामला में लईकी के परिवार दावा करेला कि लईका, लईका के दोस्त-साथी आ लईका के परिवार उनुका नाबालिग बेटी के बहला-फुसुला के अपहरण क लेले बा।

मामला दर्ज होखला के बाद पुलिस के सोझा सबसे बड़ सवाल होखेला कि अपहरण काहें खाती भईल बा? फिरौती के मांग भईल बा कि ना? जान लिही की 90 प्रतिशत मामला में फिरौती के मांग ना होखेला। काहेंकी मामला त प्रेम-प्रसंग के रहेला।

खैर, एकरा से पुलिस के कार्रवाई प कवनो विशेष फर्क ना पड़ेला। पुलिस आरोपी अवुरी ओकरा नजदीकी लोग के मोबाइल नंबर अवुरी कॉल रिकॉर्ड के जांच-पड़ताल शुरू क देवेले अवुरी शंका वाला सभ नंबर के लोकेशन पता-लगावे के काम शुरू हो जाला। हाँ, जदी फिरौती के मांग शामिल रहेला त कार्रवाई में जादे सावधानी बरते के पड़ेला।

ऐने लईकी के परिवार कथित अपहरण कांड में पुलिस प दबाव बनावे खाती एसपी, डीएम, विधायक आ सांसद समेत स्थानीय मीडिया के आपन दुखड़ा सुनावे शुरू क देवेला। लेकिन जब पुलिस आरोपी अवुरी लईकी के पकड़ लेवेले त अधिकांश मामला झूठा निकलेला।

कथित तौर प अपहरण भईल लईकी पुलिस के सोझा, मैजिस्ट्रेट के सोझा, हर जगह परिवार अवुरी पुलिस के दावा के झुठलावे शुरू क देवेले आ सवाल अब दर्ज प्राथमिकी प खाड़ा हो जाला। सामाजिक स्तर प ए प्रकार के घटना के बहुत चटकारा लेके सुनल जाला अवुरी सुनावल जाला, लेकिन केहु इ ना सोचेला कि अयीसन काहें भईल? जदी अयीसन हो गईल त झूठा मामला दर्ज करा के का मिली?

ए प्रकार के अधिकांश घटना खाती उ माई-बाप ज़िम्मेवार रहेले जवन कि समय रहते त आँख बंद कईले रहेले अवुरी जब समय बीत जाला त पुलिस के काम बढ़ा देवेले। आज के दौर के बाप-महतारी के तब कवनो चिंता ना होखेला जब ओ लोग के बेटा-बेटी आधा रात के बाद तक फोन प केहु से बात करत रहेला, चैट करत रहेला। चिंता तब होखेला जब बेटी चाहे बेटा प्रेम में अझुरा जाला अवुरी बियाह के बात कहे लागेला।

ए मौका प बाप-महतारी फिल्मी खलनायक के रूप ध लेवेले अवुरी मार-काट से लेके तमाम प्रकार के प्रपंच शुरू क देवेले। नतीजा? एक दिन बेटा-बेटी सभके नज़र बचा के अपना प्रेमी-प्रेमिका के संगे फरार हो जाला आ तब सबसे जादे चोट लईकी के परिवार के पहुंचेला। लईकी के परिवार दउरत-दउरत थाना पहुंचेला अवुरी फटाक से ओकरा प्रेमी के खिलाफ अपहरण के मामला दर्ज करवा देवेला।

उदाहरण खाती चार अलग-अलग जिला के थाना में दर्ज अपहरण के चार मामला बा। चारो मामला में लईकी के परिवार ओकरा प्रेमी के खिलाफ अपहरण के मामला दर्ज करवलस अवुरी चारो मामला प्रेम-प्रसंग के निकलल। धरईला के बाद प्रेमी-जोड़ी अदालत में कहलस कि "ना त केहु के अपहरण भईल बा, ना केहु अपहरण कईले बा। हमनी के अपना इच्छा से घर छोडले रहनी।"

पहिला मामला
अररिया के एगो लईकी तीन साल से एगो शादीशुदा युवक से प्यार करत रहे। दुनो ओर से बराबर के लगाव रहे लेकिन दुनो के परिवार एकरा खाती तैयार ना रहे। ए सभके चलते एक दुनो घर, परिवार, समाज, नाता-रिश्तेदार के परवाह छोड़ के अपना-अपना घर से फरार हो गईले।

दुनो के घर छोडला के बाद लईकी के परिवार तुरंत थाना पहुंचल आ युवक प अपहरण के आरोप लगावत प्राथमिकी दर्ज करवा देलस। पुलिस तमाम कोशिश के बावजूद दुनो के टोह ना लेवे पावल। आखिरकार 6 महीना बाद एक दिन लईकी अपने थाना पहुंचल आ कहलस कि 'अपहरण ना भईल रहे, हम खुद अपना इच्छा से अपना प्रेमी के संगे गईल रहनी।' लईकी बालिग रहे, पुलिस मैजिस्ट्रेट के सोझा बयान दर्ज करवला के बाद केस बंद क देलस।

दुसरा मामला
अलग-अलग जाति के युवक-युवती के बीच चार-पांच साल से प्रेम-प्रसंग चलत रहे। एह बीच दुनो में से कवनो के परिवार एकनी के ना रोकलस, लेकिन जब बियाह के बात आईल त दुनो के परिवार विरोध करे लागल। दुनो के परिवार के कहनाम रहे कि ओ लोग के ए दुनो के प्रेम-प्रसंग के जानकारी ना रहे।

परिवार सामाजिक मर्यादा के दुहाई देत लईकी के बियाह दोसरा युवक से करवा देलस। ऐने लईकी अभियो अपना प्रेमी के पावे के चाहत जिंदा रखले रहे आ एक दिन अपना ससुराल से लापता हो गईल। ऐने ओकर प्रेमी भी घर से गायब रहे। लईकी के परिवार आरा के एगो थाना पहुंचल आ प्रेमी युवक प अपहरण के आरोप लगावत मामला दर्ज करवा देलस।

मामला दर्ज होखला के तीन दिन बाद लईकी खुद थाना पहुंचल अवुरी अदालत में अपहरण के कहानी झूठियावत अपना पति से तलाक आ प्रेमी से बियाह के बात कहलस। पुलिस के देखरेख में तमाम कागजी कार्रवाई पूरा भईल अवुरी आज उ लईकी अपना प्रेमी के पत्नी के रूप में ओकरा संगे रहतिया।

तीसरा मामला
मधुबनी के एगो थाना में दर्ज एगो प्राथमिकी में कथित तौर प अपहरण भईल लईकी भाड़ा के मकान में रहके पढ़ाई करत रहे अवुरी एही बीच उ एगो युवक के संपर्क में आईल अवुरी प्रेम के खिचड़ी पाके लागल।

परिवार आ समाज के डर से दुनो एक दिन घर से फरार हो गईले आ लईकी के परिवार ओकरा प्रेमी प अपहरण के आरोप लगावत मामला दर्ज करवा देलस। पुलिस के बढ़त दबाव के देखत लईकी अकेले एक दिन थाना पहुंचल अवुरी नामजद आरोपी - अपना प्रेमी संगे नेपाल में बियाह क लेवे के सबूत पेश करत अपहरण के दावा के खारिज क देलस।

लईकी बालिग रहे, अपना मर्ज़ी से अपना प्रेमी संगे घर से भाग के बियाह कईले रहे। अपहरण के मामला झूठा साबित भईल। पुलिस केस बंद क देलस।

चउथा मामला
कहल जाला कि प्रेम अंधा होखेला। प्रेम में उंच-नीच, बड़-छोट, जाति-धर्म ना देखाई देवे। अयीसने एगो मामला पटना के शास्त्रीनगर थाना मे दर्ज भईल। ए मामला में लईकी के परिवार एगो युवक प अपना नाबालिग बेटी के बहला-फुसुला के अपहरण करे के आरोप लगवलस।

मामला दर्ज होखला के बाद लईकी एक दिन खुद थाना पहुंचल अवुरी अपना के बालिग बतावत स्कूल सर्टिफिकेट पेश कईलस आ कहलस कि ओकर अपहरण ना भईल रहे अवुरी परिवार के डर से अपना प्रेमी संगे खुशी-खुशी भागल रहे।

लईकी के मुताबिक ओकर प्रेमी दोसरा जाति के हवे अवुरी परिवार दुनो के बियाह करावे प तैयार ना रहे। हालांकि परिवार अदालत में साबित क देलस कि लईकी नाबालिग बिया एहसे ए मामला में अभी तक लईकी के प्रेमी के तलाश कईल जाता जबकि लईकी फिलहाल पटना के रिमांड होम में बिया।

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