महिला के जिद्द के सोझा पिछड़ापन हार गइल आ बिहार के एगो गांव पूरा बदल गइल

करीब 40 साल उमर के रितु अपना पत्नी संगे दिल्ली के आराम वाली जिंदगी के छोड़,       सिंहवाहिनी पंचायत  अवुरी उहाँ रहेवाला लोग के जीवन के सुधार ले आवे के बीड़ा उठवले बाड़ी

करीब 40 साल उमर के रितु अपना पत्नी संगे दिल्ली के आराम वाली जिंदगी के छोड़, सिंहवाहिनी पंचायत अवुरी उहाँ रहेवाला लोग के जीवन के सुधार ले आवे के बीड़ा उठवले बाड़ी

बिहार में मुखिया शब्द सुनते एगो रोबदार आदमी के छवि आँख से सोझा नाचे लागेला। अयीसन आदमी जेकरा संगे इलाका के कुछ प्रभावशाली लोग के भीड़ चलत होखे। लेकिन कहीं-कहीं आ कबो-कबो एकरा से ठीक उल्टा देखाई देवेला।

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, आईएएस अरुण कुमार के पत्नी रितु जैसवाल एगो अयीसने मुखिया हई। करीब 40 साल उमर के रितु अपना पत्नी संगे दिल्ली के आराम वाली जिंदगी के छोड़, सिंहवाहिनी पंचायत अवुरी उहाँ रहेवाला लोग के जीवन के सुधार ले आवे के बीड़ा उठवले बाड़ी।

बिहार के वैशाली में जन्मल अवुरी बड़ भईल रितु के मन में समाज सेवा के भाव बचपन से रहे। अर्थशास्त्र में स्नातक रितु के 1996 में 1995 बैच के आईएएस अधिकारी अरुण कुमार से बियाह भईल। बियाह के कुछ समय बाद जब रितु अपना ससुराल - सीतामढ़ी में सोनबरसा प्रंखड़ के सिंहवाहिनी पंचायत में नरकटिया गांव पहुंचली त इ देख के दुखी हो गईली कि उहाँ ना त बिजली रहे, ना सड़क, ना शौचालय, ना पीये के पानी। लोग खुला आसमान के नीचे शौच करत रहले अवुरी गांव के स्कूल शिक्षक के अभाव में लगभग तबाह हो चुकल रहे।

Ritu Jaiswal
रितु के मंशा कबहूँ चुनाव लड़े चाहे राजनीति में जाए के ना रहे लेकिन गांव के लोग कहला-सुनला प रितु तैयार हो गईली आ मुखिया के चुनाव में करीब 76 प्रतिशत वोट के संगे विजयी भईली।

अपना ससुराल के गांव के हालत देखला के बाद रितु एकरा में बदलाव ले आवे के ठान लिहली आ एक कड़ी में सबसे पहिला कदम रहे - गांव के बदहाल शिक्षा व्यवस्था के पटरी प ले आवल। लगातार गांवे आवे-जाए के दौरान रितु के पता चलल कि गांव के एगो लईकी बी.एड. कईला के बाद बोकारो के एगो निजी स्कूल में टीचर बाड़ी।

रितु ओ लईकी से बात कईली आ ओकरा के बोकारो में मिलत वेतन से जादे वेतन के संगे गांव के स्कूल में पढ़ावे के प्रस्ताव दिहली। इ पूरा पईसा रितु अवुरी उनुका परिवार के निजी खाता से खर्च होखे के रहे, लेकिन बदलाव जरूरी रहे। रितु के प्रस्ताव प लईकी मान गईल आ स्कूल के पढ़ाई बीच में छोड़ चुकल 25 छात्रा के पढ़ावे शुरू क देलस। रितु के मेहनत रंग ले आईल अवुरी 25 में से 12 छात्रा 2015 के मैट्रिक परीक्षा में बहुत बढ़िया अंक के संगे पास हो गईली।

शिक्षा के हालत में सुधार के बाद रितु के अगिला कदम रहे - खुला में शौच, घरेलू हिंसा अवुरी भ्रूण हत्या के रोकल। एकरा खाती रितु गांव के लोग के संगे बहुत बेर बात कईली आ मनोरंजन के संगे ओ लोग के समझावे के प्रयास करत कुछ हद तक एकरा प लगाम लगावे में सफल भईली।

Ritu Jaiswal
रितु के मेहनत, लोग के सहयोग अवुरी सरकारी योजना के तहत मिलल मदद से पंचायत के हरेक घर में शौचालय बनल आ सिंहवाहिनी पंचायत अक्टूबर 2016 में खुला में शौच से मुक्त गांव घोषित हो गईल।

एही बीच पाता चलल कि सिंहवाहिनी पंचायत खाती विद्युतीकरण योजना के मंजूरी मिल चुकल बा लेकिन ओकरा के लागू नईखे कईल। रितु गांव के लोग समझा-बूझा के एगो अभियान शुरू कईली। अभियान के सफल भईल आ आखिरकार करीब 80 घर वाला सिंहवाहिनी पंचायत में बिजली के बल्ब आ पंखा के इस्तेमाल शुरू हो गईल।

एह समय तक रितु दिल्ली में अपना पति के संगे रहत रहली अवुरी समय-समय प सिंहवाहिनी आवत रहली। लेकिन अलग-अलग अभियान अवुरी गांव खाती करे के जुनून के चलते अब रितु के जादे समय गांव में बीते लागल रहे। अब रितु के लागल कि जदी उ सचमुच अपना सपना के पूरा कईल चाहतारी, जदी सचमुच गांव के स्थिति में बदलाव ले आवल चाहतारी, त उनुका स्थायी तौर प गांव में रहे के चाही।

Ritu Jaiswal
रितु आगे बढ़ली आ अपना निजी पईसा से सड़क के गड़हा भरवावे लगली। रितु के ए कदम से गांव के लोग के उत्साह बढ़ल अवुरी उहो लोग ए काम में सहयोग देवे शुरू क देले। आज सिंहवाहिनी पंचायत के हरेक कच्चा सड़क पीसीसी बिया।

रितु अपना परिवार से बात कईली। पति अवुरी बच्चा के सहमति आ समर्थन से रितु अब गांव में रहे के फैसला क लेली। परिवार के सहयोग आ समर्थन से रितु आगे बढ़ली आ दिल्ली के आराम वाली जिंदगी छोड़ के गांव में बस गईली।

गांव के अपना जीवन के मकसद बनावे वाली रितु के पछिला काम से उत्साहित गांव के लोग उनुका के 2016 में मुखिया के चुनाव लड़े के कहले। हालांकि रितु के मंशा कबहूँ चुनाव लड़े चाहे राजनीति में जाए के ना रहे लेकिन गांव के लोग कहला-सुनला प रितु तैयार हो गईली आ मुखिया के चुनाव में करीब 76 प्रतिशत वोट के संगे विजयी भईली।

मुखिया बनला के बाद रितु के पहिला चुनौती गांव के खुला में शौच से मुक्त करावल रहे। रितु एकरा खाती गांव के कुछ महिला के संगे एगो समूह बनवली, जवन कि भोर में 4 बजे के करीब गांव से निकले वाला राह प खड़ा रहत रहली आ शौच खाती जात महिला-पुरुष के समझावे-बूझावे से लेके अयीसन ना करे के क़हत रहली ।

Ritu Jaiswal
रितु बी.एड. कईला के बाद बोकारो के एगो निजी स्कूल में टीचर नोकरी करेवाली गांव के लईकी से बात कईली आ ओकरा के बोकारो में मिलत वेतन से जादे वेतन के संगे गांव के स्कूल में पढ़ावे के प्रस्ताव दिहली। इ पूरा पईसा रितु अवुरी उनुका परिवार के निजी खाता से खर्च होखे के रहे, लेकिन बदलाव जरूरी रहे।

एकरा अलावे उ जिलाधिकारी से मिलिके अपना पंचायत के हरेक घर में एक शौचालय (करीब 2000 शौचालय) बनावे खाती कहली। रितु के मेहनत, लोग के सहयोग अवुरी सरकारी योजना के तहत मिलल मदद से पंचायत के हरेक घर में शौचालय बनल आ सिंहवाहिनी पंचायत अक्टूबर 2016 में खुला में शौच से मुक्त गांव घोषित हो गईल।

रितु ए मिशन के पूरा होखला के बाद सड़क के ओर बढ़ली। सरकारी फ़ंड में देरी अवुरी ए मामला में गांव के लोग रुख रितु के राह के पहिला रोड़ा बनल। एक ओर सरकार से फ़ंड ना मिलल त दोसरा ओर गांव के लोग अपना निजी पईसा के सड़क प खर्च करे खाती तैयार ना रहले। रितु आगे बढ़ली आ अपना निजी पईसा से सड़क के गड़हा भरवावे लगली। रितु के ए कदम से गांव के लोग के उत्साह बढ़ल अवुरी उहो लोग ए काम में सहयोग देवे शुरू क देले। आज सिंहवाहिनी पंचायत के हरेक कच्चा सड़क पीसीसी बिया।

सड़क के काम के बाद रितु के निशाना प अगिला चीज़ रहे - सार्वजनिक वितरण प्रणाली उर्फ राशन में होखत गड़बड़ी के रोकल। क्षेत्र के बीडीओ अवुरी डीलर ए मामला में कुछूओ सुने के तैयार ना रहले। अब एगो बड़ अभियान रितु के इंतज़ार करत रहे। रितु अपना पंचायत के करीब 14000 लोग के राशन कार्ड जमा करे के काम शुरू क देली।

Ritu Jaiswal
पंचायत में व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र खोले खाती रितु कुछ गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) के सहयोग लिहली आ गांव में व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र शुरू हो गईल। आज ए प्रशिक्षण केंद्र से ट्रेनिंग ले चुकल बहुत लोग अपना पैर प खाड़ा बाड़े अवुरी आपन रोजी-रोटी चलावतारे।

राशन कार्ड जमा होखला के बाद रितु के टीम हरेक परिवार के जरूरत के मुताबिक राशन तय कईलस अवुरी कोटा से ओकर मिलान कईलस। ए काम के पूरा होखला के बाद रितु विस्तृत ब्यौरा के संगे जिलाधिकारी से भेट कईली आ उनुका राशन में होखत गड़बड़ी के जानकारी दिहली। रितु से मिलल जानकारी के जांच कईला के बाद जिलाधिकारी कार्रवाई करत भ्रष्ट अधिकारी आ डीलर के हटा देले आ नतीजा में राशन के सप्लाई में मूलचूक सुधार हो गईल।

एह बीच धमकी, अपमान अवुरी तमाम प्रकार के 'बिहारी रंगदारी' आ 'गुंडई' से रितु के डेरवावे, धमकावे के प्रयास भईल लेकिन एकरा से रितु प कवनो असर ना भईल। अभी तक के काम में तमाम प्रकार के बाधा से जान-पहचान क चुकल रितु के अगिला कदम रहे गांव में व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र। अयीसन व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र जहां महिला के सिलाई-बिनाई आ पुरुष के मोबाइल, टीवी रिपेयर के ट्रेनिंग दिहल जाए।

ए काम में रितु कुछ गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) के सहयोग लिहली आ गांव में व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र शुरू हो गईल। आज ए प्रशिक्षण केंद्र से ट्रेनिंग ले चुकल बहुत लोग अपना पैर प खाड़ा बाड़े अवुरी आपन रोजी-रोटी चलावतारे।

Ritu Jaiswal
सिंहवाहिनी पंचायत खाती विद्युतीकरण योजना के मंजूरी मिल चुकल रहे लेकिन ओकरा के लागू ना कईल रहे। रितु गांव के लोग समझा-बूझा के एगो अभियान शुरू कईली। अभियान के सफल भईल आ आखिरकार करीब 80 घर वाला सिंहवाहिनी पंचायत में बिजली के बल्ब आ पंखा के इस्तेमाल शुरू हो गईल।

एही बीच अगस्त 2017 में सीतामढ़ी समेत बिहार के बहुत इलाका भयंकर बाढ़ के चपेट में आ गईल। रितु खाती इ समय सबसे मुश्किल रहे। काहेकी अब ना त सरकारी अधिकारी से लड़े के रहे, ना गांव के परंपरा के खिलाफ लोग के समझावे के रहे। अब सोझा से प्रकृति रहे आ ओकरा से लड़ के जीतल संभव ना रहे। रितु आ पंचायत के लोग रात-दिन राहत बचाव के काम में जुटले आ लोग के राहत शिविर तक पहुंचावल गईल।

Ritu Jaiswal
रितु के अपना काम खाती 2016 में 'उच्च शिक्षित आदर्श युवा सरपंच' पुरस्कार से सम्मानित कईल गईल। ए सम्मान के पावे वाली रितु बिहार के पहिला मुखिया बाड़ी।

रितु राजनीति के घिनावन अवुरी दुष्ट चेहरा प चमकत उ सितारा बाड़ी जवन कि एक बेर से राजनीति में भरोसा पैदा करता। भ्रष्टाचार, अपराध अवुरी ढकोसला के सहारे चलत देश के राजनीति में रितु उ स्थान हासिल कईले बाड़ी, जहां सबकुछ लगभग आदर्श स्थिति में बा। रितु के अपना काम खाती 2016 में 'उच्च शिक्षित आदर्श युवा सरपंच' पुरस्कार से सम्मानित कईल गईल। ए सम्मान के पावे वाली रितु बिहार के पहिला मुखिया बाड़ी।

  • Share on:
Loading...