'भोजपुरी हमनी के घर ह, हिन्दी हमनी के देश, घर आ देश मे कबहूँ संघर्ष ना होखेला'

'भोजपुरी हमनी के घर ह, हिन्दी हमनी के देश, घर आ देश मे कबहूँ संघर्ष ना होखेला'

वाराणसी के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के भोजपुरी अध्ययन केंद्र के ओर से आयोजित एगो संगोष्ठी में भारत में मॉरीशस के उच्चायुक्त जगदीश गोवर्धन कहले कि उत्तर प्रदेश आ बिहार में रहेवाला लोग के पहचान भोजपुरी से बा अवुरी हरेक आदमी के अपना पहचान के बचा के राखे के प्रयास करे के चाही।

बीएचयू में कला संकाय के राधाकृष्णन सभागार में 'भोजपुरी का सांस्कृतिक बोध और उसकी वर्तमान सामाजिक उपस्थित' विषय प सोमवार के भईल ए राष्ट्रीय संगोष्ठी के संबोधित करत जगदीश गोवेर्धन कहले कि मातृभाषा से संस्कृति अवुरी संस्कार के जानकारी मिलेला, एहसे मातृभाषा से प्यार भईल कवनो हैरानी के बात नईखे, अयीसन हमेशा होखेला।

ए मौका प कार्यक्रम के अध्यक्षता करत अरुणेश नीरन कहले कि आज़ादी के लड़ाई के समय भोजपुरी भाषी क्षेत्र केंद्र में रहे, काहेंकी भोजपुरी भाषा के स्वभाव में विद्रोह बाटे, लेकिन आज भोजपुरी हमनी के व्यवहार से अलग, हमनी के याद के हिस्सा बन के रह गईल बिया।

उ कहले कि भोजपुरी हमनी के घर हवे आ हिन्दी हमनी के देश, घर आ देश मे कबहूँ कवनो संघर्ष ना होखेला। एहसे जरूरी बा कि भोजपुरी के याद के कोना के निकाल के फेर से व्यवहार में ले आवल जाए।

ए संगोष्ठी के तकनीकी सत्र के दौरान भोजपुरी के सांस्कृतिक बोध आ एकर वर्तमान साहित्यिक उपस्थिति प भी चर्चा भईल।

  • Share on:
Loading...