देश के बदलत मिजाज के संकेत मिलते बिहार में हलचल, मांझी-कुशवाहा के एनडीए से बिदाई तय

जीतन राम मांझी अवुरी उपेन्द्र कुशवाहा के एनडीए में राखे खाती भाजपा का करतिया, इ बहुत जादे महत्वपूर्ण बा.

जीतन राम मांझी अवुरी उपेन्द्र कुशवाहा के एनडीए में राखे खाती भाजपा का करतिया, इ बहुत जादे महत्वपूर्ण बा.

गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद राजस्थान में भईल 2 लोकसभा सीट आ एक विधानसभा के उपचुनाव के नतीजा के सीधा असर भाजपा के अगुवाई वाली एनडीए के राजनीती प देखाई देता। हालाँकि लोकसभा चुनाव के घोषणा होखे में अभी देरी बा लेकिन भाजपा के कुछ सहयोगी पाला बदले के लगभग तैयारी क लेले बाड़े।

भाजपा के सबसे पहिला अवुरी सबसे पुरान सहयोगी शिवसेना बहुत पहीले अकेले लोकसभा चुनाव लडे के घोषणा क चुकल बिया त आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू के तेलगू देशम पार्टी कसमसाए लागल बिया। लेकिन सबसे जादे खलबली बिहार में मचल बा।

संभावना जतावल जाता कि बिहार के विधानसभा चुनाव भी लोकसभा चुनाव संगे करावल जाई। एही संभावना के तहत अभीये से एनडीए में भाजपा के सहयोगी दल आपन-आपन दाव चले लागल बा। एक ओर जीतन राम मांझी बाड़े, त दोसरा ओर बाड़े उपेन्द्र कुशवाहा।

मांझी शनिवार के 50 से जादे विधानसभा सीट के मांग क के अपना मंसूबा के साफ़ क चुकल बाड़े त दोसरा ओर केंद्रीय राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के बिहार सरकार के कामकाज प उठावल सवाल बतावता कि आवे वाला समय में बिहार में भारी राजनीतिक उठापटक देखे के मिली।

ओने राजद के ओर से पछिला दु दिन में बहुत कुछ अयीसन देखे के मिलल, जवन साबित करता कि पार्टी एगो अयीसन महागठबंधन के नींव धरतिया, जवना के हिला पावल बहुत मुश्किल होई। एक ओर राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानन्द तिवारी जेल में बंद बाहुबली आनंद मोहन से भेट करतारे त दोसरा ओर रघुवंश प्रसाद सिंह पप्पू यादव से संपर्क सधले बाड़े।

ए सभके बीच राजस्थान में भईल 3 सीट के उपचुनाव के नतीजा सबसे जादे असर करत देखाई देता। बिहार में एनडीए के घटक दल के सोझा सबसे बड़ परेशानी भाजपा के लोकप्रियता में आवत कमी अवुरी नीतीश कुमार के एनडीए में वापसी बाटे।

छोट-बड़ घटक दल बढ़िया से जानता कि केंद्र के राजनीती में ओ लोग के कवनो भूमिका नईखे रहे वाला, एहसे अयीसन दल के समूचा ध्यान राज्य के राजनीती प बाटे। केन्द्रीय राजनीती में भाजपा के साख में आवत गिरावट अवुरी बिहार में सीट बंटवारा में होखेवाला परेशानी के देखत जीतन राम मांझी अवुरी उपेन्द्र कुशवाहा जईसन लोग बहुत जल्दी एनडीए से किनारा क सकेले। कुशवाहा के बिदाई त लगभग तय हो चुकल बा।

शनिवार के नीतीश सरकार प अल्पसंख्यक समुदाय के अनदेखी करे के आरोप लगावत जीतन मांझी कहले कि 'ए सरकार में अल्पसंख्यक समाज संगे इंसाफ नईखे होखत'। मांझी कहले कि जदी हमनी के सरकार बनल त राज्य में एक मुख्यमंत्री के संगे-संगे 2 उपमुख्यमंत्री होईहे, जवना में से एक आदमी दलित अवुरी एक आदमी मुसलमान होई।

एकरे संगे मांझी कहले कि उनुकर पार्टी अगिला विधानसभा चुनाव में कम से कम 50 सीट प चुनाव लड़ी। मालूम रहे कि कुछ दिन पहीले मांझी के एगो करीबी नेता राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से भेट करे खाती जेल पहुंचल रहले, जबकि पहीले लालू आ बाद में तेजस्वी अलग-अलग मौका प मांझी के महागठबंधन में शामिल होखे के नेवता दे चुकल बाड़े।

मांझी के अलावे एनडीए के एगो अवुरी सहयोगी, केन्द्रीय राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा के ओर से भी गठबंधन में सीट बंटवारा प ताल ठोकल जाता। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अवुरी कुशवाहा के मनमोटाव त सभ केहू जानता, लेकिन राज्य में एनडीए के सरकार होखला के बावजूद बिहार के शिक्षा व्यवस्था प कुशवाहा के हल्ला बोल अवुरी एकरा बाद जदयू अवुरी रालोसपा के बीच शुरू भईल तकरार साफ़-साफ़ आवे वाला समय के हलचल के संकेत देता।

ए दुनो नेता के सोझा सबसे बड़का सवाल भविष्य के लेके बाटे। बिहार के 40 लोकसभा सीट में से 31 सीट प अभी एनडीए के कब्जा बा। एकरा में जदयू के सीट शामिल नईखे। जदी अगिला लोकसभा चुनाव तक एनडीए के तमाम घटक भाजपा संगे रहले त भारी कचर-कचर अवुरी थूकम-फज़ीहत तय बा।

आज के हालत में भाजपा कवनो कीमत प आपन जीतल 24 सीट ना छोड़ी, रामविलास पासवान के लोक जनशक्ति पार्टी भी आपन जीतल 5 सीट ना छोड़ी, जदी कुशवाहा संगे रहतारे त इनिका खाता में भी 3 सीट बाटे, अयीसना में सवाल बा कि बाकी बाचल आठ सीट में से कतना जदयू के मिली अवुरी कतना मांझी के हिस्सा में आई?

एगो अवुरी सवाल बा कि भाजपा-जदयू गठबंधन के पुरनका फार्मूला में 25 लोकसभा सीट प चुनाव लडेवाली जदयू का एतना कम सीट प मान जाई? मांझी के का होई? लेकिन इ सवाल सिर्फ लोकसभा चुनाव तक सिमित नईखे, इ सवाल विधानसभा चुनाव से जुडल सीट बंटवारा के संगे भी शामिल बा।

जदी सूत्र से आवत सुचना के मानल जाए त उपेन्द्र कुशवाहा अवुरी मांझी के जदी भाजपा के ओर से संतोषजनक प्रस्ताव ना मिलल त दुनो लोग लोकसभा चुनाव के 3-4 महीना पहीले एनडीए से आपन नाता तूर लीहे। मांझी अवुरी कुशवाहा के मंशा बा कि भाजपा ओ लोग के मांग के ख़ारिज करत खुद दुनो के एनडीए से निकाल देवे। जदी अयीसन भईल त अपना-अपना जाति वर्ग के सहानुभूति दुनो नेता के संगे जाई।

हालाँकि ए दुनो लोग के रहते भाजपा विधानसभा के पछिला चुनाव में बरियार हार के मुंह देखलस, लेकिन राजनीती के जानकार मानतारे कि मांझी-कुशवाहा बेशक एनडीए खाती ओतना असरदार ना होखस, लेकिन राजद-कांग्रेस गठबंधन के संगे ए लोग के धार में भारी तेजी आई।

अब सभके नज़र भाजपा के ओर बाटे। सभ देखल चाहता कि भाजपा के रणनीतिकार ए दुनो नेता के अपना संगे कईसे रखतारे अवुरी राखे खाती का-का करतारे। कुछ करतो बाड़े कि ना, इ जादे महत्वपूर्ण बा।

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