नरेंद्र मोदी अवुरी नीतीश कुमार के मदद से राहुल गांधी बहुत तेज़ी से आगे बढ़तारे

राहुल गांधी के छवि चमकावे में नरेंद्र मोदी अवुरी नीतीश कुमार के प्रमुख भूमिका बा।

राहुल गांधी के छवि चमकावे में नरेंद्र मोदी अवुरी नीतीश कुमार के प्रमुख भूमिका बा।

राहुल गांधी अवुरी कांग्रेस के दशा-दिशा बदले में देश के दु नेता के बहुत बड़ हाथ बा। एक नेता राहुल के नाम प विपक्ष के सहमत होखे बदे मजबूर क देले, त दुसरका नेता लगातार राहुल गांधी के कद में बढ़ोतरी करतारे।

कहल जाला कि राजनीति में दुश्मन के नाम ना लिहल सबसे बड़ हथियार होखेला। दुश्मन के जाने-अनजाने में भी मदद ना करे के चाही। लेकिन आज के राजनीतिक महाभारत में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अवुरी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ए सबक के भूला गइल बाड़े।

नीतीश कुमार जहां 'एक बेर' राहुल गांधी के मदद कईले त नरेंद्र मोदी अवुरी उनुकर पार्टी लगातार मदद करतिया। कुछ समय पहिले तक 'नकारा छवि' वाला राहुल आज नरेंद्र मोदी के खिलाफ खाड़ा होखे लागल बाड़े, विपक्ष के बहुत नेता अब सार्वजनिक मंच से राहुल के गुणगान शुरू क देले बाड़े। एगो सत्ताधारी दल तक राहुल गांधी के गुणगान करता।

एक साल पहिले तक कहल जाता रहे कि अगिला लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के केहु से मुक़ाबला नईखे। पछिला लोकसभा चुनाव से पहिले, 2013 में नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोलत भाजपा संगे गठबंधन तूरे वाला नीतीश से विपक्ष के कुछ आस जरूर रहे। उनुका संगे सबकुछ रहे जवन कि विपक्ष चाहत रहे - कामकाज, अनुभव अवुरी लगातार जीते के रिकॉर्ड।

कुल मिलाके विपक्ष के अधिकांश दल जहां राहुल गांधी से किनारा करत रहले उहें ए दौड़ में लगातार आगे बढ़त नीतीश कुमार जुलाई 2017 के अंतिम सप्ताह में अचानक महागठबंधन छोड़े के फैसला कईले आ मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देले।

नीतीश अपना एक फैसला से प्रधानमंत्री पद के दावेदारी छोड़ देले। विपक्ष के लगे अब सिर्फ राहुल के नाम रह गइल। विपक्ष अभियो नाम लेवे से त परहेज करत रहे, लेकिन अब ओकरा लगे राहुल में नेता खोजला के अलावे दोसर रास्ता ना रहे।

एही बीच गुजरात के विधानसभा चुनाव आ गईल। अधिकांश लोग के विचार रहे कि इ चुनाव त देखावा मात्र बा। मोदी अवुरी अमित शाह के गुजरात में केहु चुनौती देवे वाला नईखे। ऐने नीतीश कुमार के एनडीए में शामिल भईला के बाद राहुल भी बदलत रहले।

राजनीति के पार्ट टाइम काम समझेवाला राहुल अब जादे मुखर होखत रहले अवुरी एकर असर गुजरात चुनाव में साफ देखाई देलस। बेशक चुनाव में भाजपा के जीत भईल लेकिन कांग्रेस से एतना बरियार टक्कर मिले के संभावना केहु के ना रहे। ए चुनाव के नतीजा अयीसन रहे कि भाजपा ए जीत के उत्सव मनावे में भी संकोच करत देखाई देलस।

ए सभ के संगे राहुल में नेता के तलाश करत लोग अब उनुका बयान प ध्यान देवे लगले अवुरी राहुल के बयान में 'प्लान' देखे लगले। एही बीच राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बनले अवुरी राजस्थान के उपचुनाव में कांग्रेस जोरदार प्रदर्शन करत भाजपा के चारो खाने चीत क देलस।

गुजरात अवुरी राजस्थान के नतीजा से कांग्रेस अवुरी राहुल के कद में कुछ प्रतिशत के बढ़ोतरी भईल। ए सभसे बेचैन भाजपा 'मोदी लहर' के बचावे अवुरी राहुल के रोके खाती तैयारी शुरू कईलस। ए लड़ाई के मोर्चा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में आईल। एहिजे गड़बड़ हो गईल।

आज के दौर में मीडिया के एगो बड़ हिस्सा खुलेआम भाजपाई अवुरी मोदी समर्थक जईसन व्यवहार करता, एहसे मोदी जब-जब राहुल गांधी चाहे कांग्रेस के नाम लेवेले, त मीडिया ओकरा के बढ़ा-चढ़ा के देखावेला।

राजनीति में चुनावी मार्केटिंग करेवाला लोग के लागता कि मोदी अवुरी भाजपा के बरियार गलती हो गईल। लोग कहतारे कि 'कांग्रेस मुक्त भारत' के इरादा संगे आगे बढ़त मोदी अपना हमला से कांग्रेस अवुरी राहुल गांधी के जनता के दिमाग में जगह देवे लागल बाड़े।

परेशानी बा कि केहु जब-जब अपना विरोधी के सवाल के जवाब देवेला, ओकरा खिलाफ बयानबाजी करेला, त लोग इहो जानल चाहेले कि सवाल का रहे?

जब-जब भाजपा अवुरी मोदी कांग्रेस अवुरी राहुल गांधी प हमला करीहे, तब-तब कांग्रेस के पक्ष जाने खाती मीडिया कांग्रेस लगे जाई अवुरी ओकरा के देखाई। ए हालत में जरूरी नईखे कि जनता सत्ताधारी दल के बात के पूरा तरीका से सच मान लेवे अवुरी विपक्ष के बात के पूरा तरीका से नकार देवे।

भाजपा के बाकी नेता कहेले अवुरी लगातार कहतारे कि कांग्रेस खतम हो गईल बिया, लेकिन रोज कांग्रेस के खिलाफ रोज प्रेस कॉन्फ्रेंस करेले। अब जबकि पंजाब नेशनल बैंक घोटाला में सरकार घेरा गईल बिया त भाजपा के चार से पांच नेता कांग्रेस के सवाल के जवाब देवे में लागल रहतारे।

भाई साहब, आपके मुताबिक जवन पार्टी खतम हो गईल बिया, ओकरा से डर काहें लागता? जदी डर नईखे लागत त ओकरा के एतना जादे महत्व काहें देतानी?

करीब एक साल पहिले तक मीडिया कवरेज खाती तरसत कांग्रेस अवुरी राहुल गांधी के मोदी अवुरी भाजपा के चलते अब बहुत जगह मिले लागल बा। हालत लगभग ओईसने बा, जब सोनिया गांधी अपना एगो रैली में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लेके उनुका के अचानक केंद्रीय राजनीति में लेआ देली।

कुछ दिन पहिले आईल इंडिया टूड़े के एगो सर्वे के मुताबिक मोदी अभियो देश के सबसे बड़ 'राजनीतिक ब्रांड' बाड़े अवुरी राहुल गांधी से उ बहुत आगे बाड़े। इहे सर्वे बतावता कि मोदी के लोकप्रियता में जहां 10 पॉइंट के गिरावट आईल बा, उहें राहुल के लोकप्रियता 10 पॉइंट बढ़ गईल बा। दुनो लोग के बीच के दूरी बहुत बा, लेकिन इ बदलाव सिर्फ 6 महीना में भईल।

राहुल के स्थिति में आवत ए बदलाव के सबसे कारण नरेंद्र मोदी बाड़े। भाजपा जनातिया कि जदी ओकर समर्थक अवुरी मतदाता टूटिहे त उ कवनो क्षेत्रीय दल के मुक़ाबले कांग्रेस के जादे पसंद करीहे। भाजपा अपना एही सोच के संगे लगातार अपना मतदाता के कांग्रेस के खिलाफ भड़कावे में लागल बिया।

भाजपाई रणनीति के समझ राखे वाला लोग के विचार बा कि पार्टी अब नाया मतदाता के अपना से जोड़े के बदला, 2014 के मतदाता के अपना संगे कायम राखे प ध्यान देतिया।

एही रणनीति के तहत बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण प धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री 7 फरवरी के संसद के दुनो सदन में कांग्रेस प बहुत तेजी से बहुत तीखा हमला कईले। बजट सत्र के दौरान भईल ए हमला में प्रधानमंत्री कांग्रेस के मुद्दा बना देले, हालांकि विषय केंद्रीय बजट अवुरी राष्ट्रपति के अभिभाषण रहे।

इ सब कुछ अचानक ना भईल रहे। मोदी जी बहुत तैयारी के संगे संसद पहुंचल रहले अवुरी कांग्रेस के कठघरा में खाड़ा करे के प्रयास रहे। मोदी जी के ए हमला से अगिला दु-तीन दिन तक कांग्रेस के कवरेज मिलल।

अब जबकि साल भर के भीतरी लोकसभा चुनाव होखे वाला बा त सरकार प अपना चुनावी वादा के हिसाब देवे के दबाव बा। सवाल सरकार के कामकाज अवुरी चुनावी वादा के बा एहसे मोदी-शाह के जोड़ी के प्रयास बा कि जनता के मन में वर्तमान स्थिति खाती कांग्रेस ज़िम्मेवार बन जाए।

ए कोशिश में भाजपा के बोली बहुत कर्कश अवुरी कठोर भईल जाता। बहुत बेर त शालीनता के बांध तक टूट जाता। एही सभके बीच कुछ महीना में कर्नाटक में विधानसभा के चुनाव होखेवाला बा। तय बा कि मोदी अवुरी भाजपा के बोली ए चुनाव में कांग्रेस अवुरी राहुल गांधी के खिलाफ अवुरी कडक आ कर्कश होई।

अब भाजपा के लगे राह नईखे। आज जदी भाजपा चाहे मोदी अपना बोली के नरम करतारे त कांग्रेस एकरा के आपन जीत बताई। अगिला लोकसभा चुनाव भाजपा से जादे नरेंद्र मोदी खाती महत्व राखता। अभी के माहौल में लगभग तय बा कि भाजपा सबसे बड़ पार्टी होई, अयीसना में भाजपा जदी बहुमत से चूक जाए त एकरा खाती पार्टी अवुरी एकरा नेता के बोली ज़िम्मेवार होई।

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