बिहार एनडीए में 'ट्वेंटी-ट्वेंटी' के मांग, भाजपा ए मैच खाती तैयार नईखे

बिहार एनडीए में 'ट्वेंटी-ट्वेंटी' के मांग, भाजपा ए मैच खाती तैयार नईखे

लोकसभा चुनाव देश के जनता अवुरी राजनीति खाती खास महत्व राखेला। एही चुनाव में अगिला पांच तक देश चलावे वाला लोग के जनता चुनेले। इहे चुनाव कवनो राजनीतिक दल के कद-काठी तय करेला।

अब जबकि अगिला लोकसभा चुनाव होखे में एक साल से भी कम समय बाचल बा त बिहार के तमाम राजनीतिक दल अपना-अपना खेमा के तैयार करे में जुट गईल बा। मुक़ाबला सीधा-सीधा राजद के अगुवाई वाला महागठबंधन अवुरी भाजपा के अगुवाई वाला एनडीए में बाटे।

लेकिन एनडीए के राह में सबसे बड़का रोड़ा सीट के बंटवारा बाटे। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर प सीट बंटवारा के कवनो फॉर्मूला नईखे आईल लेकिन मानल जाता कि भाजपा राज्य के 40 सीट में से 25 से 30 प अकेले चुनाव लड़ी। जबकि एनडीए में भाजपा के सहयोगी जदयू, लोजपा अवुरी रालोसपा के खाता में बाकी सीट आई।

नीतीश कुमार के महागठबंधन छोड़ के एनडीए में लवट आवे से एनडीए के सीट बंटवारा के गणित गड़बड़ा गईल बा। जदी भाजपा अकेले 25 सीट प लड़ी त बाकी 15 सीट में से जदयू के कतना मिली? हालांकि अभी तक भाजपा के ओर से 25 सीट प लड़े के घोषणा नईखे भईल।

बिहार में भाजपा के 22 सांसद बाड़े, जबकि जदयू के 2, रालोसपा के 3 अवुरी लोजपा के 6 सांसद बाड़े। अयीसन हालत में कवनो दल कम से कम जीतल सीट त ना छोड़ल चाही। अब सवाल बा कि, का जदयू के 10 सीट मिल जाई?

अभी तक भाजपा के ओर से सीट बंटवारा के कवनो फॉर्मूला के घोषणा नईखे भईल, लेकिन भाजपा के सहयोगी दल के नेता चाहतारे कि भाजपा अपने 20 सीट प चुनाव लड़े अवुरी बाकी के 20 सीट सहयोगी दल खाती छोड़ देवे। माने ट्वेंटी-ट्वेंटी के फॉर्मूला चाहतारे। जदी इ फॉर्मूला चलल त जदयू के 10-12 सीट मिल जाई।

लोजपा पछिला चुनाव में 7 उम्मीदवार मैदान में उतरले रहे अवुरी ओकर 6 उम्मीदवार जीतल रहले, जबकि रालोसपा 3 उम्मीदवार उतरले रहे अवुरी ओकर तीनों उम्मीदवार जीत गईल रहले। जदी भाजपा ट्वेंटी-ट्वेंटी के फॉर्मूला मान लेतिया त लोजपा 6 सीट अवुरी रालोसपा 3 सीट प संतोष क सकेले जबकि जदयू के खाता में 12 सीट आवे से ओकरो हालत सम्मानजनक हो जाई।

ओने भाजपा खेमा एगो दोसर फॉर्मूला प विचार करता। पार्टी के नेता अपना 22 सांसद के सीट के अलावे बाचल 18 सीट प बातचीत के आगे बढ़ावे के पक्ष में बाड़े अवुरी ए 18 में से भी कम से कम 4-6 सीट अपना खाता में चाहतारे। भाजपा के मुताबिक जदयू के 8-10, लोजपा के 4-6 अवुरी रालोसपा के 2-3 सीट प मनावल जा सकता।

एही बीच जवना प्रकार के राजनीतिक हलचल बिहार में होखता ओकरा से लागता कि राज्य के नीतीश सरकार बहुत मुश्किल से लोकसभा चुनाव के रेखा के पार करे पाई। चर्चा बा कि बिहार के विधानसभा चुनाव भी लोकसभा चुनाव के संगे हो सकता। जदी अयीसन भईल त सीट के बंटवारा के गणित कुछ आसान हो सकता।

भाजपा लोकसभा चुनाव में जदयू के सीट कम क के विधानसभा चुनाव में जादे सीट दे सकतिया। जहां लोकसभा चुनाव में भाजपा आगे रही उहें विधानसभा चुनाव में सहयोगी दल के जादे मौका दिहल जा सकता।

याद रहे कि 2009 के लोकसभा चुनाव, जब भाजपा अवुरी जदयू गठबंधन में चुनाव लडल रहे त जदयू 25 सीट प जबकि भाजपा 15 सीट प उम्मीदवार उतरले रहे। हालांकि आज राजनीतिक हालत बदल चुकल बा। एहसे देखे के होई एनडीए में सीट बंटवारा के ऊंट कवना करवट बईठता।

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