भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता मिलला से हिन्दी अवुरी हिंदुस्तान के सम्मान बढ़ जाई

मॉरीशस भोजपुरी स्पीकिंग यूनियन के निदेशक सरिता बुधु

मॉरीशस भोजपुरी स्पीकिंग यूनियन के निदेशक सरिता बुधु

भोजपुरी के हिन्दी के विकास के राह में रोड़ा माने से इनकार करत मॉरीशस से आईल सरिता बुधु कहली कि जदी भारत सरकार भोजपुरी के संविधान के आठवाँ अनुसूची में शामिल करतिया त विश्व स्तर प भोजपुरी के संगे-संगे हिन्दी अवुरी हिंदुस्तान के मान बढ़ी अवुरी भोजपुरी के संगे हिन्दी के भी विकास होई।

मुजफ्फरपुर के लंगट सिंह कॉलेज के भोजपुरी विभाग में हिन्दी-भोजपुरी के वरिष्ठ कवि डॉ किशोरी शरण शर्मा के सम्मान में आयोजित एगो संगोष्ठी के संबोधित करत सरिता बुधु कहली कि हमनी के पुरनिया गिरमिटिया मजदूर बनके मॉरीशस गईले अवुरी अपना मेहनत, हिम्मत अवुरी भोजपुरी संस्कार से गिरमिटिया से गवर्नमेंट (सरकार) बन गईले।

मॉरीशस के भोजपुरी स्पीकिंग यूनियन के निदेशक अवुरी भोजपुरी जगत में 'अंतर्राष्ट्रीय दीदी' के नाम से मशहूर सरिता बुधु कहली आरा, छपरा, बलिया जईसन जिला से गईल हमनी के पुरनिया मॉरीशस के अलावे सूरीनाम, फिजी, ट्रिनीडाड, गुयाना जईसन देश के संवार के दुनिया के सोझा पेश कईले।

भोजपुरी के पारंपरिक गीत 'कलकत्ता से छूटल जहाज, पंवरिया धीरे चलो' के सुनावत सरिता बुधु कहली कि हमनी जईसन भोजपुरी भाषी के चलते आज हिन्दी के अंतर्राष्ट्रीय स्तर प पहचान अवुरी मान्यता मिलल। लेकिन भोजपुरी के जन्म स्थान भारत में खुद भोजपुरी सम्मान खाती तरसतिया

शुक्रवार के लंगट सिंह कॉलेज में 'मॉरिशस में भोजपुरी : अतीत आ वर्तमान' विषय प बोलत डा. ब्रजभूषण मिश्र कहले कि यूनेस्को से भोजपुरी गीत आ साहित्य के मान्यता मिलल बा। ए सम्मान के पीछा सरिता बुधु जईसन भोजपुरी भाषी अवुरी मॉरिशस के लोग के प्रमुख योगदान बा।

ए मौका प मुजफ्फरपुर के भीम राव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर (पीजी) में भोजपुरी के पढ़ाई शुरू करे के मांग करत डॉ रिपुसूदन श्रीवास्तव कहले कि यदि विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर स्तर प भोजपुरी के पाठ्यक्रम लागू हो जाए त संभव बा कि मॉरिशस, फिजी, नेपाल जईसन देश के छात्र अवुरी शोधार्थी अध्ययन-अनुसंधान खाती इहाँ आवे लागस।

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