बिहार के डंका बांजल, जीरो टॉलरेंस के नीति के बावजूद भ्रष्टाचार के मामला में पहिला स्थान

बिहार के डंका बांजल, जीरो टॉलरेंस के नीति के बावजूद भ्रष्टाचार के मामला में पहिला स्थान

दुनिया के तीन सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय - कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, शिकागो विश्वविद्यालय (बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस) अवुरी लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के ओर से भईल साझा अध्ययन में बिहार के देश के भ्रष्ट राज्य के सूची में ऊपर के स्थान मिलल।

भारत के नौकरशाही में भ्रष्टाचार विषय प भईल ए अध्ययन के नतीजा में कहल गईल कि बिहार के नौकरशाह (आईएएस, आईपीएस समेत राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी) बाकी राज्य के मुक़ाबले जादे भ्रष्ट बाड़े। इ हालत तब बा जब राज्य सरकार कथित तौर प भ्रष्टाचार के खिलाफ 'शून्य सहनशीलता' (जीरो टॉलरेंस) के नीति अपनवले बिया। कम से कम ए नीति के माने के बात जरूर क़हतिया।

अध्ययन करेवाली टीम कहलस कि राज्य स्तर प नौकरशाही में पसरल भ्रष्टाचार राष्ट्रीय स्तर के मुक़ाबले जादे बाटे अवुरी एकरा खाती राज्य स्तर के राजनीति सबसे जादे जिम्मेदार बिया। नीतीश कुमार 2005 में जब बिहार के मुख्यमंत्री बनल रहले त भ्रष्टाचार के जड़ से खतम करे के बात कहले रहले। तब ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल के ओर से जारी एगो सूची में केरला के सबसे कम भ्रष्टाचार वाला राज्य जबकि गुजरात आ हिमाचल प्रदेश के दूसरा आ तीसरा सबसे कम भ्रष्टाचार वाला राज्य बतावल रहे।

ए सूची में दिल्ली समेत देश के 19 प्रमुख राज्य के शामिल कईल रहे, सबसे जादे भ्रष्टाचार वाला राज्य के रूप में मध्य प्रदेश आ जम्मू-कश्मीर के बाद बिहार के तीसरा स्थान मिलल रहे।

साल 2011 में इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड मैनपावर रिसर्च के ओर भईल अध्ययन में दिल्ली समेत देश के 22 राज्य के शामिल कईल गईल। ए सूची में केरला, दिल्ली अवुरी हिमाचल प्रदेश के सबसे कम भ्रष्टाचार वाला राज्य बतावल गईल। एही सूची में मध्य प्रदेश, बिहार, ओड़ीशा अवुरी छत्तीसगढ़ के सबसे जादे भ्रष्टाचार वाला राज्य के रूप में शामिल कईल रहे। ए सूची के मुताबिक बिहार पांच साल में तीसरा स्थान से दूसरा स्थान प पहुँच गईल रहे।

ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल अवुरी सीएमएस के ओर से भईल बिहार के नौकरशाही से जुडल एगो अध्ययन में कहल रहे कि राज्य कि गरीब जनता के लेहाज से भ्रष्टाचार' खतरा के सीमा के पार' क चुकल बा। रिपोर्ट में साफ-साफ कहल रहे कि बिहार में राजनीतिक भ्रष्टाचार के संगे-संगे नौकरशाही भी भ्रष्टाचार के समुंदर में पूरा तरीका से डूब चुकल बिया अवुरी बिना घूस के सरकारी कार्यालय में कम करावल संभव नईखे।

जहां तक ताज़ा अध्ययन के रिपोर्ट बिया, त ओकरा में साफ-साफ कहल बा कि गृह राज्य में तैनात आईएएस अधिकारी के काम करे में आसानी होखेला अवुरी उ लोग बढ़िया प्रदर्शन क सकेले लेकिन एकरा से एगो बहुत बड़ नुकसान बाटे।

रिपोर्ट कहलस, "एक ओर अधिकारी के स्थानीय होखला से राजनेता के ध्यान अपना ओर खिंचेला, त दोसरा ओर स्थानीय होखला के चलते अपना समुदाय अवुरी नेटवर्क के चलते घूस लेवे के नाया-नाया तरीका खोज लेवेला।"

हालांकि रिपोर्ट कहलस कि बिहार, गुजरात अवुरी कर्नाटक में गृह राज्य वाला अधिकारी के प्रदर्शन एकदम उल्टा बा। उ लोग दोसरा राज्य से आइल अधिकारी के मुक़ाबले जादे ईमानदारी से अपना काम के करतारे। हालांकि ए मामला में पंजाब, पश्चिम बंगाल अवुरी आंध्र प्रदेश के प्रदर्शन सबसे बढ़िया बाटे। ए तीनों राज्य में तैनात इहाँ के निवासी अधिकारी बहुत जादे ईमानदार बाड़े ।

रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में तैनात दोसरा राज्य के निवासी अधिकारी बिहार निवासी अधिकारी के मुक़ाबले जादे भ्रष्ट बाड़े अवुरी उ लोग राजनीतिक दबाव सहे के मामला में एकदम कमजोर बाड़े।

  • Share on:
Loading...