स्मार्ट स्कूटर, जवन कि आपन खराबी खुद बताई

स्कूटर में अयीसन सेंसर आ सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल भईल बा, जवन कि बैटरी के क्षमता, उपभोग के क्षमता के बारे में चालक के बताई।

स्कूटर में अयीसन सेंसर आ सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल भईल बा, जवन कि बैटरी के क्षमता, उपभोग के क्षमता के बारे में चालक के बताई।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानुपर के एगो पूर्व छात्र आईआईटी दिल्ली के कुछ छात्र संगे मिलिके एगो अयीसन स्मार्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर बनवले बाड़े, जवन कि खुद बताई कि ओकरा में कवन खराबी बा, चाहे खराबी होखे वाला बा।

आईआईटी कानपुर से साल 2013 में इंजीनियरिंग के पढ़ाई पूरा करेवाला पीयूष असाती आईआईटी दिल्ली के निकेश, शिवराम, अल्तमश आ प्रणय के संगे मिलिके आईआईटी दिल्ली के इंक्यूबेशन सेंटर में ए स्कूटर के तैयार कईले बाड़े। पांचों लोग ए स्कूटर के व्यापारिक उत्पादन खाती वेकमोकॉन टेक्नालॉजी नाम से एगो कंपनी भी बनवले बाड़े।

कुछ समय पहिले दिल्ली में प्रदर्शित ए स्मार्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर के बारे में पीयूष बतवले कि उ लोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) अवुरी स्मार्ट तकनीक के माध्यम से ए स्कूटर के विकसित कईले बाड़े।

पीयूष कहले कि ए स्कूटर में अयीसन सेंसर आ सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल भईल बा, जवन कि बैटरी के क्षमता, उपभोग के क्षमता के बारे में चालक के बताई। इ स्कूटर चलत-चलत बाचल बैटरी के बारे में संकेत दिही अवुरी चालक के बताई कि बिना चार्ज कईले अब कतना किलोमीटर के सफर कईल जा सकता।

एकरा अलावे ए स्कूटर में लागल सेन्सर आवे वाली खराबी के बारे में भी बताई। स्कूटर में लागल सेन्सर अवुरी सॉफ्टवेयर बताई कि वर्तमान में स्कूटर के कवना हिस्सा में खराबी बा अवुरी आवे वाला समय में कवन खराबी आ सकता।

पीयूष के मुताबिक ए स्मार्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर के तकनीक के कुछ प्रमुख दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी टेस्ट क चुकल बा अवुरी फिलहाल ए तकनीक के पेटेंट करावे खाती तैयारी होखता। उ कहले कि पेटेंट मिलला के वाद एकर व्यापारिक उत्पादन प विचार कईल जाई अवुरी संभव भईल त जल्दीए एकरा के बाज़ार में उतारल जाई।

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