गाय-भैंस वाली सुई लईकिन के दिहल जाता, समय से पहिले जवान कईल जाता

गाय-भैंस वाली सुई लईकिन के दिहल जाता, समय से पहिले जवान कईल जाता

दूध देवे के क्षमता बढ़ावे खाती मवेशी के दिहल जाए वाली दवाई 'ऑक्सीटोसिन' के इस्तेमाल अब जानवर से जादे दोसरा काम खाती होखता। गाय-भैंस से अधिका दुध निकाले खातिर दियावे वाला 'ऑक्सीटोसिन' के इंसानी शरीर प बहुत भयानक असर होखेला, लेकिन एकरा बावजूद एकर भयानक इस्तेमाल होखता।

आज कुछ लोग फल-सब्जी के आकार बढ़ावे खाती ओकरा में 'ऑक्सीटोसिन' के सुई लगावतारे। लेकिन 'ऑक्सीटोसिन' वाला कवनो चीज़ खाए-पिए से दिल के धड़कन कम हो सकता, दिमाग के बैलेन्स गड़बड़ा सकता, ब्लड प्रेशर कम हो सकता, आंत में बेमारी हो सकता अवुरी सबसे जादे खतरनाक - गर्भ में बढ़त बच्चा के मौत हो सकता।

लेकिन 'ऑक्सीटोसिन' के ए सभसे जादे खतरनाक इस्तेमाल भी होखता। एकर सबसे जादे गंभीर असर 12 से 16 साल के बीच के लईकिन प होखेला। 'ऑक्सीटोसिन' के प्रभाव से ए उमर के लईकिन के शरीर में तेजी से बदलाव आवेला, वजन बढ़े लागेला आ स्तन के आकार बढ़ जाला।

एही असर के चलते आज ए दवाई के देह व्यापार में खूब ज़ोर-शोर से इस्तेमाल होखता। देह व्यापार में शामिल लईकिन के समय से पहिले जवान करे - देह भरल-पुरल बनावे खाती एकर सुई दिहल जाता।

देह व्यापार में ए दवाई के सबसे जादे इस्तेमाल बंगाल आ बांग्लादेश से सटल इलाका में होखता। जर्मन रेडियो 'ड़च वैले' अपना एगो रिपोर्ट में कहलस कि, "देह व्यापार में 'ऑक्सीटोसिन' के गलत इस्तेमाल होखला के चलते भारत आ बंगलादेश में एकर शिकार भईल लोग के संख्या में भयंकर बढ़ोतरी भईल बा।"

ऑक्सीटोसिन एक प्रकार के एगो हॉरमोन होखेला। आम तौर प ए हॉरमोन के 'हैप्पी हॉरमोन' चाहे शक्तिशाली 'लव हॉरमोन' के रूप में जानल जाला। ए हॉरमोन के चलते शरीर आकर्षक लागेला।

हालांकि शरीर में ऑक्‍सीटोसिन के मात्रा कम होखला प तनाव बढ़ सकता अवुरी जरूरत से अधिक होखला प कैंसर, हृदय, पेट अवुरी चमड़ा से जुडल बेमारी हो सकता।

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