भारत के हरेक महिला के साड़ी पहिरे आवे के चाही: कंगना रनौत

भारत के हरेक महिला के साड़ी पहिरे आवे के चाही: कंगना रनौत

राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत कहली कि हरेक भारतीय महिला के साड़ी पहिरे आवे के चाही। संगही उ कहली बिना अपना व्यक्तित्व से समझौता कईले वैश्विक नागरिक (आधुनिक) बनल जा सकता।

एकरा से पहिले मशहूर ड्रेस डिज़ाइनर सब्यसाची मुखर्जी कहली, "जदी हमरा से केहु कहे कि ओकरा साड़ी पहिरे ना आवेला त हम कहब कि आपके लाज लागे के चाही। साड़ी हमनी के संस्कृति के हिस्सा ह अवुरी एकरा हरेक आदमी के खाड़ा होखे चाही।"

साड़ी के मुद्दा प खुद कंगना एगो फ़ैशन पत्रिका से कहली, "हम सोचेनी कि जदी आप भारतीय महिला बानी, त आपके साड़ी पहिरे आवे के चाही।"

आगे उ कहली, "कुछ लागे बाड़े जवन कि हमेशा संस्कृति अवुरी पहचान के नाम प दोसरा के शर्मिंदा करेले, लेकिन हम अयीसन लोग के पसंद ना करेनी जवन कि कहस कि उनुका हिन्दी ना समझ में आवे चाहे भारत के खाना उनुका पसंद ना आवे। आप अपना व्यक्तित्व से बिना समझौता कईले भी दुनिया के नागरिक हो सकेनी।"

कंगना अपना बयान में साफ-साफ कहली कि विदेश में आवे-जाए अवुरी रहे खाती जरूरी नईखे भारतीय संस्कृति अवुरी ओकरा पहचान के मेटा दिहल जाए। साड़ी पहिरे वाली महिला भी मॉडर्न हो सकेले अवुरी उ अपना पहचान के कायम रख सकेले।

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