भारत के किशोरी बहुत कम उमर में 'सयान' होखे लगली: रिपोर्ट

 रिपोर्ट के मुताबिक देश के शहरी इलाका में रहेवाला किशोर (बालक) के सयान होखे के औसत उमर 12 से 16 साल के बीच बाटे, जबकि किशोरी 10 से 12 साल के उमर के  बीच ए अवस्था तक पहुंच जातारी।

रिपोर्ट के मुताबिक देश के शहरी इलाका में रहेवाला किशोर (बालक) के सयान होखे के औसत उमर 12 से 16 साल के बीच बाटे, जबकि किशोरी 10 से 12 साल के उमर के बीच ए अवस्था तक पहुंच जातारी।

कुछ समय पहिले 'फ़ैडरेशन ऑफ आब्सटेट्रिक्स एंड गयनेकोलॉजिस्ट्स सोसाइटी ऑफ इंडिया' के सर्वेक्षण से पाता चलल कि देश के शहरी इलाका में रहेवाली लईकी पहिले के मुक़ाबले अब कम उमर में सेक्स के बारे में सबकुछ बढ़िया से जानतारी।

सर्वेक्षण के मुताबिक भारत के शहरी इलाका में रहेवाली लईकी औसतन 11 साल के उमर तक सेक्स के मामला में परिपक्व हो गइल रहतारी। हालांकि परिपक्व होखला के अर्थ शारीरिक अवुरी मानसिक रूप से तैयार भईल बा, ना कि शारीरिक संबंध बनावल बा।

सोसाइटी अपना रिपोर्ट में कहलस कि भारत के बड़े-बड़े शहर में रहेवाली लईकी पहिले के मुक़ाबले 2 साल पहिले, 11 साल के उमर में सयान (पुबर्टी) हो जातारी। संगही, ए सर्वेक्षण के अलावे भईल अध्ययन से पाता चलता कि देश के शहरी इलाका के लईकिन के मासिक-धर्म शुरू होखे के उमर में भी भारी गिरावट आईल बा।

मालूम रहे कि महिला के मामला में 'पुबर्टी' चाहे 'सयानपन' ओ अवस्था के कहल जाला, जब किशोरी सेक्स के मामला में परिपक्व अवुरी प्रजनन के लायक हो जाए। पहिले औसतन 13 साल 10 महिना के उमर में लईकी ए स्थिति तक पहुंचत रहली, जवन कि अब करीब 11 साल बाटे।

सर्वेक्षण के मुताबिक आज हरेक 3 बच्ची में से एक बच्ची उमर से पहिले सयान हो जातिया, जवन कि अभिभावक अवुरी बच्चा के डॉक्टर खाती चिंता के विषय बाटे। रिपोर्ट के मुताबिक देश के शहरी इलाका में रहेवाला किशोर (बालक) के सयान होखे के औसत उमर 12 से 16 साल के बीच बाटे, जबकि किशोरी 10 से 12 साल के उमर के बीच ए अवस्था तक पहुंच जातारी।

फोर्टिस अस्पताल, नई दिल्ली के डॉक्टर अंजिला अनेजा कहली कि अयीसन बदलाव के चलते आज के बच्ची ए उमर में आज़ादी के संगे-संगे अपना माता-पिता के आकर्षित कईल चाहेली अवुरी अपना बात के कबूल करवावल चाहेली। ए उमर के लोग शारीरिक संतुष्टि, सजे-संवरे अवुरी छवि के खास चिंता करेले, जवना के चलते बहुत लोग में हीन भावना देखे के मिलेला।

जवानी के राह प डेग बढ़ावत लईकिन में अपना समूह में सुंदर अवुरी स्मार्ट देखाई देवे के चाहत होखेला अवुरी उ अपना बड़ उमर के मशहूर लोग के आदत, पहनावा, व्यवहार अवुरी चले-बोले के स्टाइल के नकल करेली।

उमर से पहिले सयान होखला के असर के बतावत कोलम्बिया एशिया अस्पताल के डॉ अमिता कहली कि एकरा चलते शरीर के लंबाई के विकास रुक जाला, काहें की ए स्थिति में हड्डी कड़क हो जाले।

डॉ अमिता कहली, "ए अवस्था (पुबर्टी) तक पहुंचला के बाद हड्डी के विकास रुक जाला, जवना के चलते बच्चा जादे लंबा ना होखे पावे। उमर से पहिले सयान भईल बच्चा प बहुत तरह मानसिक अवुरी शारीरिक दबाव होखेला। लईकिन में भावनात्मक झुकाव बढ़ जाला, जवना के चलते उ सामाजिक तौर प नाजायज मानल जाए काम तक करे लागेली अवुरी बहुत बेर यौन अपराध के शिकार बनेली।"

कम उमर अवुरी शिक्षा के अभाव में मासिक धर्म अवुरी बाकी शारीरिक बदलाव बच्ची के ओकरा उमर के लईकिन से अलग क देवेला अवुरी उ अपना से बड़ उमर के लोग संगे रहे शुरू क देवेले।

डॉ अमिता कहली, "कम उमर में नारी के गुण पावे वाली लईकी के माँ-बाप के ओकर विशेष ध्यान राखे के चाही अवुरी शरीर में होखत बदलाव समेत बाकी मुद्दा प खुल के बात करे के चाही।" कम उमर में लईकिन के सयान होखे से रोके खाती डॉ अमिता सलाह देली कि माँ-बाप के अपना बच्ची के सही भोजन, व्यायाम अवुरी खेलखुद प ध्यान देवे के चाही अवुरी ओकरा वजन के बढ़े से रोके के चाही। अयीसन कईला से बच्ची के उमर से पहिले सयान होखे से रोकल जा सकता।

  • Share on:
Loading...