राजभाषा विधेयक में संसोधन पारित, भोजपुरी, मैथिली, अंगिका आ मगही दुसरकी राजभाषा बनल

राजभाषा विधेयक में संसोधन पारित, भोजपुरी, मैथिली, अंगिका आ मगही दुसरकी राजभाषा बनल

शुक्रवार के विधानसभा में बिहार राजभाषा विधेयक में संसोधन के पारित होखला के संगे भोजपुरी, मैथिली, अंगिका अवुरी मगही के झारखंड के दुसरकी राजभाषा के सूची में शामिल हो गइल।

एकरा अलावे शुक्रवार के राज्य के उच्च, तकनीकी शिक्षा आ कौशल विभाग के ओर से पेश साईंनाथ विश्वविद्यालय (संशोधन विधेयक)-2018, उषा मार्टिन विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2018 अवुरी कैपिटल विश्वविद्यालय विधेयक-2018 के पारित होखता के बाद विभाग के मंत्री नीरा यादव कहली कि कैपिटल विश्वविद्यालय विधेयक से राज्य के कृषि, पशुपालन आदि के क्षेत्र में पढ़ाई करेवाला विद्यार्थी के फायदा होई।

भोजपुरी, मैथिली, अंगिका आ मगही के राजभाषा के दर्जा देवे खाती झारखंड सरकार के ओर से पेश बिहार राजभाषा (झारखंड संशोधन) विधेयक-2018 सदन में शुक्रवार के ध्वनि मत से पारित हो गइल। ए संसोधन विधेयक के पारित होखला के बाद हिन्दी के संगे-संगे झारखंड में भोजपुरी, मैथिली, अंगिका आ मगही में पढ़ाई-लिखाई आ सरकारी कामकाज के रास्ता खुल गइल।

हालांकि सभ विधेयक बिना चर्चा के पारित भईल, जवना के चलते विपक्ष में भारी नाराजगी लऊकल। झारखंड विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन कहले, "एके बात के बार-बार कहे में बाऊर लागेला। विपक्ष के सवाल के जवाब केहु नईखे देत। जदी असही करे के बा त विधानसभा एगो अधिसूचना जारी क देवे के कि विपक्ष के सवाल पूछे के हक नईखे।"

कांग्रेस विधायक आलमगीर आलम कहले कि कवन संसोधन काहें होखता, एकरो जानकारी देवे के चाही। ओकरा फायदा-नुकसान प चर्चा होखे के चाही अवुरी समूचा जानकारी सदन के पटल प राखे के चाही।

भोजपुरी, मैथिली, अंगिका आ मगही के राजभाषा में शामिल करेवाला विधेयक के पारित होखला के बाद भाजपा के मेनका सरकार कहली कि झारखंड सरकार के राज्य के स्थानीय भाषा के दूसरा राजभाषा के रूप में शामिल करे के चाही। मेनका सरदार के सुझाव प प्रभारी मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा कहले कि सरकार ए सुझाव प विचार करी।

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