12 साल के लईकिन से बलात्कार करेवाला के फांसी के सजा देवे वाला विधेयक संसद में पेश

12 साल के लईकिन से बलात्कार करेवाला के फांसी के सजा देवे वाला विधेयक संसद में पेश

संसद के मानसून सत्र में गुरुवार के सोश्ल मीडिया के दुरुपयोग आ आपराधिक कानून में संसोधन प चर्चा भईल। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद कहले कि सोश्ल मीडिया के भारत के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल कईल जाता।

राज्यसभा में रविशंकर प्रसाद कहले कि सरकार मानतिया कि सोश्ल मीडिया के भारत के खिलाफ इस्तेमाल होखता आ सरकार एकरा के रोके खाती जरूरी कदम उठावे प तत्पर बिया। उ कहले कि पछिला कुछ समय में भईल घटना में बहुत लोग के जान जा चुकल बा। अयीसन घटना दुर्भाग्यपूर्ण अवुरी निंदा के जोग बा। सरकार ए मामला में कठोर कदम उठावतिया। सरकार फ़ेसबूक आ कैंब्रिज एनालिटिका से जवाब मंगले बिया।

उ कहले कि चूंकि अधिकांश घटना में व्हाट्सएप के इस्तेमाल भईल बा, एहसे सरकार व्हाट्सएप के नोटिस भेजलस। जवाब में व्हाट्सएप जरूरी कदम उठावे के बात कहले बिया।

ऐने लोकसभा में आज केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी आपराधिक कानून में संसोधन विधेयक पेश कईली। ए विधेयक में 12 साल से उमर तक के लईकिन के संगे बलात्कार करे के दोषी के फांसी के सजा देवे के प्रावधान बाटे।

एकरा अलावे आज लोकसभा में मानव तस्करी (रोकथाम, सुरक्षा आ पुनर्वास) विधेयक, 2018 भी पेश भईल। ए विधेयक में मानव तस्करी के रोके खाती बहुत प्रकार के प्रावधान बाटे। ए विधेयक के कानून बनला के बाद मानव तस्करी के तहत बंधुआ मजदूरी, भीख मांगल, बियाह करे खाती धोखा चाहे झांसा दिहल शामिल हो जाई।

ए विधेयक में पीड़ित आ शिकायत करेवाला के पहचान गुप्त राखे, गवाह के पहचान गुप्त राखे अवुरी 30 दिन के भीतरी पीड़ित के अन्तरिम राहत अवुरी 60 दिन के भीतरी पूरा राहत देवे के प्रावधान शामिल बा।

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