बुलेट ट्रेन के सपना देखत भारतीय रेल लापरवाही के नाया इतिहास रचलस, कारनामा अयीसन कि अधिकारी तक हैरान

बुलेट ट्रेन के सपना देखत भारतीय रेल लापरवाही के नाया इतिहास रचलस, कारनामा अयीसन कि अधिकारी तक हैरान

पछिला चार साल में लेटलतीफी खाती मशहूर हो चुकल भारतीय रेल लापरवाही के एगो नाया इतिहास रच देलस। बुलेट ट्रेन अवुरी तेज रफ्तार ट्रेन चलावे के सपना देखत अवुरी ए सपना के पूरा करे खाती करोड़ों-अरबों रुपया खर्च करत भारतीय रेल से जुडल इ मामला सचमुच हैरान करेवाला बा।

रेलवे के लापरवाही के आलम अयीसन बा कि विशाखापटनम से उत्तर प्रदेश के बस्ती स्टेशन खाती चलल ट्रेन के 1,326 किलोमीटर के दूरी तय करे में करीब चार साल के समय लागल।

मिलल जानकारी के मुताबिक 10 नवम्बर, 2014 के विशाखापटनम से डीएपी (खाद) लेके चलल माल गाड़ी बुधवार 25 जुलाई, 2018 के साढ़े तीन बजे के करीब जब बस्ती स्टेशन पहुंचल त रेलवे के अधिकारी अवुरी कर्मचारी हैरान रह गईले। ए ट्रेन के वैगन में 1,316 बोरी 'डाई-अम्मोनियम फॉस्फेट' (डीएपी) लोड रहे।

करीब 1,326 किलोमीटर के दूरी तय करे में आम तौर प 42 घंटा 13 मिनट के समय लागेला, लेकिन ए ट्रेन के करीब चार लागल।

मामला के जानकारी देत उत्तर पूर्व रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी संजय यादव कहले, "कबों-कबो वैगन चाहे बोगी में खराबी आ जाला, जवना के चलते ओकनी के मरम्मत खाती यार्ड में भेजे के परेला, लागता कि ए वैगन के संगे अयीसने कुछ भईल बा। हालांकि जांच के बादे सही जानकारी मिली।"

रेलवे के मुताबिक ट्रेन के वैगन बस्ती के कारोबारी रामचंद्र गुप्ता के नाम से 2014 में विशाखापटनम से बूक भईल रहे। बूकिंग डीएपी बनावे वाली इंडियन पोटाश लिमिटेड के ओर से करावल रहे।

रामचंद्र गुप्ता रेलवे से मिलल जानकारी के पुष्टि करत कहले कि उ इंडियन पोटाश लिमिटेड के 'हैंडलिंग एंड बफ्फर एजेंट' हवे अवुरी बूकिंग कंपनी के ओर करावल रहे। गुप्ता कहले, "कंपनी के माल रहे, हम एकरा खाती पईसा नईखी देले। मामला कंपनी अवुरी भारतीय रेल के बीच बा, हम कतहू नईखी।"

ए मामला गोरखपुर में इंडियन पोटाश लिमिटेड के सहायक प्रबन्धक डीके सक्सेना कहले, "नवम्बर 2014 में विशाखापटनम से बस्ती खाती ट्रेन के एगो रेक बूक भईल रहे, लेकिन पाता ना कईसे ओकरा में एक वैगन गायब हो गईल।"

उ कहले कि कंपनी पहिलही भारतीय रेल प ए मामला में क्लेम दर्ज करा चुकल बिया। वैगन के बस्ती पहुंचला प सक्सेना कहले कि माल देखला के बादे कंपनी आगे के कवनो कार्रवाई करी। उ बतवले कि वैगन में ओ समय के कीमत के हिसाब से 14 लाख रुपया के माल रहे।

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