खेसारी के तोहफा रक्षाबंधन प कबूल भईल, समाज के राह देखावे वाली 'संघर्ष' सुपरहिट

भोजपुरी फिल्म संघर्ष में खेसारी लाल यादव, काजल राघवानी आ ऋतु सिंह के मुख्य भूमिका बा। फिल्म 24 अगस्त के देश भर के सिनेमा घर में रिलीज हो चुकल बिया।

भोजपुरी फिल्म संघर्ष में खेसारी लाल यादव, काजल राघवानी आ ऋतु सिंह के मुख्य भूमिका बा। फिल्म 24 अगस्त के देश भर के सिनेमा घर में रिलीज हो चुकल बिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के आगे बढ़ावत खेसारी लाल यादव आ काजल राघवानी के भोजपुरी फिल्‍म 'संघर्ष' रक्षाबंधन के मौका प बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश आ मुंबई के सिनेमा घर में रिलीज भईल।

फिल्म के शुरुआती रिपोर्ट बहुत बढ़िया बाटे। बिहार के अलग-अलग शहर में मल्‍टीप्‍लेक्‍स तक में फिल्म के देखे खाती भारी भीड़ बाटे। पटना के 'पी एंड एम मॉल' के सिने पोलिस में 'संघर्ष' के समूचा शो हाउसफुल बा, त मुजफ्फरपुर आ भागलपुर में भी भारी भीड़ बाटे।

मानल जाता कि भोजपुरी सिनेमा में आवत नयापन आ बदलाव ए भीड़ के प्रमुख कारण बा। पछिला कुछ समय से भोजपुरी सिनेमा में बदलाव के हावा बहता जवना के तहत कुछ साफ-सुथरा आ पारिवारिक फिल्म दर्शक तक पहुंचे लागल बा।

प्रचार खाती कुछ दिन पहिले पटना पहुंचल खेसारी लाल यादव कहले कि फिल्‍म आज के समाज के सच्चाई बिया। ए फिल्म के देखला के बाद हरेक आदमी कही कि अयीसन फिल्म जरूर बने के चाही।

जहां तक 'संघर्ष' के बात बा, त ए फिल्म में भोजपुरी इंडस्ट्री के बड़े-बड़े कलाकार के शामिल होखला के चलते दर्शक बहुत उत्साह में रहले। फिल्म के प्रचार खाती कुछ दिन पहिले पटना पहुंचल खेसारी लाल यादव कहले कि फिल्‍म आज के समाज के सच्चाई बिया। ए फिल्म के देखला के बाद हरेक आदमी कही कि अयीसन फिल्म जरूर बने के चाही।

खेसारी कहले "समाज में बहुत अयीसन लोग बाड़े जवन कि बेटी के जन्म के खबर सुनते दुखी हो जाले। अयीसन लोग मानेले कि बेटा उनुका वंश के आगे बढ़ाई। लेकिन समय-समय प साबित हो चुकल बा कि हमनी के बेटी कवनो मामला में बेटा से कम नईखी। हमनी के फिल्म 'संघर्ष' एही विषय के आगे बढ़ावे के प्रयास करतिया।"

अश्‍लीलता के सवाल प खेसारी कहले, "बिना फिल्म के देखले आलोचना मत करी। जब आप ए फिल्म के देखब त दुनिया के बताईब कि भोजपुरी में बढ़िया फिल्म भी बनेला। लेकिन बिना देखले सवाल करब त हम जवाब ना देवे पाईब।"

खेसारी आगे कहले, "हम कवनो फिल्म करे से पहिले हज़ार बेर सोचेनी कि ए फिल्म के चलते हमरा समाज, हमरा संस्कृति, हमरा भोजपुरी के कवनो नुकसान त ना न होई? नुकसान के तनिकों संभावना होखेला त हम साफ-साफ माना क देवेनी।"

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