भरल बाडे़ दुशासन सगरो चीर कहां से अईहें

भरल बाडे़ दुशासन सगरो चीर कहां से अईहें

भरल बाडे़ दुशासन सगरो
चीर कहां से अईहें,
करीं अरज कर जोड़िके
मुरारी कहां भेंटीहें।

डेगे डेगे चीर खींचाता
द्रौपदी के लाज के,
भीष्म बनि देखतरुए
ई दुनिया आज के,
सभे सभा में बनल लुटेरा
चीर कहां से अईहें,
करीं अरज कर जोड़िके
मुरारी कहां भेंटीहें।

धृतराष्ट्र बनि के ई शासन
दामिनी प खेले खेल,
कुर्सी के पावे खातीर
हर शकुनी से राखे मेल,
आर्यावर्त के नारी के ई
रोजे नाच नचईहें,
करीं अरज कर जोड़िके
मुरारी कहां भेंटीहें।

पेवन लागल चीर के
खादी दुशासन नोचता,
कानुनी युधिष्ठिर राय
मौन सभा में रोकता,
लोकतंत्र के ई महाभारत
जाने कईसन दिन देखईहे,
करी अरज कर जोड़िके
मुरारी कहां भेंटीहें।

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