आधार के नाम प सरकार के ओर से करे जाए वाला निगरानी के सुप्रीम कोर्ट खत्म क देलस: कपिल सिब्बल

आधार के नाम प सरकार के ओर से करे जाए वाला निगरानी के सुप्रीम कोर्ट खत्म क देलस: कपिल सिब्बल

कांग्रेस आधार कार्ड से जुड़ल उच्चतम न्यायालय के फैसला के स्वागत करत एकर आपन जीत बतवलस। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आ पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल बुधवार के आधार कार्ड प सुप्रीम कोर्ट के फैसला के बाद कहले कि कांग्रेस पहिलहू कहत रहे कि आधार बिल राज्यसभा में आवे के चाही लेकिन ना ले आवल गईल। इ आधार कार्ड ना सरकारी अधिकार कार्ड अवुरी निजी कंपनी के आधार एक्ट बन गईल रहे, जवना के सुप्रीम कोर्ट खारिज क देलस।

कपिल सिब्बल कहले कि करोड़ो लोग के निजी जानकारी प्राइवेट कंपनी के भीरी बा। एकर दुरुपयोग होई। इ असंवैधानिक बा। आज सुप्रीम कोर्ट बात मान लेलस।

उ कहले कि धारा 57 के कोर्ट असंवैधानिक ठहरा देलस। इ बहुत बड़ जीत बा, काहेकि भविष्य में आधार के नाम प सरकार का करीत एकर अंदाजा नईखे लगावल जा सकत। आधार के नाम प सरकार के ओर से करे जाए वाला निगरानी के सुप्रीम कोर्ट खत्म क देलस।

कांग्रेस नेता कहले कि लोकसभा के स्पीकर जदी कवनो बिल के मनी बिल करार दिही त कोर्ट एकरा प सुनवाई क सकतिया। जदी सरकार संशोधन कईल चाही त कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट दोबारा जाई। कांग्रेस न्यायाधीश चंद्रचूड़ के संगे बिया। इ मनी बिल ना ह।

राफेल सौदा प कपिल सिब्बल कहले कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारा 'न खाऊंगा-न खाने दूंगा' के बदल के 'न बताऊंगा-न बताने दूंगा' क देवे के चाही। उ कहले कि, 'मनोहर पर्रिकर, अरुण जेटली अवुरी निर्मला सीतारमण जईसन नेता के प्रधानमंत्री मोदी के नया समझौता के घोषणा के जानकारी ना रहे। ए बारे में सिर्फ दु लोग जानत रहले, फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद अवुरी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

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