किसान क्रांति पदयात्रा: पुलिस लाठीचार्ज कईलस, किसान पुछले -'का हमनी के पाकिस्तान जाए के पड़ी'

दिल्ली पहुंचे के तैयारी में देशभर से आईल लाखों किसान के केंद्र सरकार दिल्ली-उत्तर प्रदेश के सीमा प रोक के रखले बिया। दिल्ली के प्रवेश द्वार कहाए वाला गाजीपुर (दिल्ली-यूपी) बार्डर प पुलिसिया कार्रवाई से नाराज़ किसान अऊरी पुलिस के बीच हिंसक झड़प भईल, जेकरा बाद पुलिस बल के प्रयोग करत लाठीचार्ज कईलस। ए घटना में दर्जनों किसान के गंभीर चोट पहुंचल बा।

पुलिस के मुताबिक दिल्ली-यूपी बार्डर प मौजूद लाखों किसान में से कुछ लोग पुलिस के चेतावनी आ आदेश के अनदेखी करत राह में खाड़ा कईल बेरियर के हटावे के प्रयास करे लगले। पुलिस जब ओ लोग के अयीसन करे से रोकलस त उ लोग हिंसक हो गईले अऊरी हाथापाई शुरू क देले। हालत के बेकाबू होखत देख पुलिस पहिले आँसू गैस के छोड़लस फेर पानी के बौछार कईलस।

मालूम रहे कि कर्जमाफी, बिजली के बढ़ल दाम में कटौती, बकाया रकम के भुगतान समेत अलग-अलग मांग के संगे भारतीय किसान यूनियन के अगुवाई में लाखों किसान हरिद्वार से चल के दिल्ली के सीमा तक पहुंचल बाड़े। हालांकि पुलिस किसानन के दिल्ली के ढूके के अनुमति नईखे देले अऊरी सीमा के सील क देले बिया, लेकिन एकरा बादो किसान लगातार दिल्ली में ढूके के प्रयास करतारे।

हरिद्वार से 23 सितंबर के शुरू भईल किसान क्रांति पदयात्रा के तहत दिल्ली के सीमा प पहुंचल किसानन के रोकला प दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एगो ट्वीट क कहले, "दिल्ली सबके ह। किसानन के दिल्ली में आवे से रोकल ठीक नईखे। किसानन के मांग जायज़ बा अऊरी ओ सभ मांग के मान लेवे के चाही।"

दिल्ली-यूपी के सीमा प रोकला से नाराज़ भारतीय किसान यूनियन के अध्‍यक्ष नरेश टिकैत कहले, "हमनी के दिल्‍ली-यूपी बॉर्डर प काहें रोकल बा? यात्रा बहुत अनुशासित ढंग से आगे बढ़त रहे... जदी हमनी के अपना समस्या के बारे में अपने सरकार के ना बतावे के, त केकरा के बतावे के? का हमनी के ए काम खाती पाकिस्‍तान चाहे बांग्‍लादेश जाईं?"

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