रात के बात त दूर, दिनो में पुलिस गश्ती नईखे करत, लाचार डीजीपी के इस्तीफा दे देवे के चाही!

रात के बात त दूर, दिनो में पुलिस गश्ती नईखे करत, लाचार डीजीपी के इस्तीफा दे देवे के चाही!

बिहार के पुलिस महानिदेश (डीजीपी) अपने पुलिस के काम-काज प सवाल खड़ा कईले। डीजीपी केएस द्विवेदी सभे जिला के एसपी के चिट्ठी लिख के आपन नाराजगी जतवले, जवना से पुलिस विभाग में खलबली मच गईल। उहें, विपक्षी दल के बईठे-बईठल नीतीश सरकार प हमला बोले के मुद्दा मिल गईल।

राजद नेता आ बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अवुरी कांग्रेस नेता आ विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा सरकार प हमला बोलले। तेजस्वी यादव बिहार के डीजीपी के ओर से राज्य के पुलिस के काम काज प सवाल उठावे जाए प कहले कि, "उ (डीजपीपी) हमरा दावा प मोहर लगवले बाड़े कि पुलिस स्टेशन के मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री नीतीश कुमार के ओर से सीधा तस्कर अवुरी अपराधी के साथ सांठगांठ में सबसे अधिका बोली लगावेवाला के नीलाम कईल जाता।" संगही उ सवाल उठावत कहले कि 'का अयीसन नईखे?'

कांग्रेस नेता प्रेमचंद मिश्रा कहले कि डीजीपी जिला पुलिस कप्तान के दोबारा चिट्ठी लिखले बाड़े। दोबारा चिट्ठी लिखे से साफ हो गईल कि पहिले लिखल गईल चिट्ठी में उ जवन निर्देश देले रहले, ओकरा प कवनो अधिकारी-पदाधिकारी संज्ञान ना लेले। जवना से साफ बा कि बिहार में पुलिस प्रशासन पूरा तरह से डीजीपी के निर्देश के अनदेखी करतिया।

संगही उ सवाल खड़ा करत कहले कि डीजीपी जदी अपराध से जुड़ल बेबस देखाई देतातारे, त पद प काहे खाती बनल बाड़े? अयीसना लाचार डीजीपी के इस्तीफा दे देवे के चाही।

दरअसल, डीजीपी चिट्ठी में कहले कि राज्य में रात में गश्ती के बात त बहुत दूर बा इहाँ तक कि दिनो में पुलिस गश्ती नईखे करत। जवना चलते अपराधी दिन में घटना कईला के बाद आराम से फरार हो जातारे। हालांकि, उनुकर कहनाम बा कि एकरा बावजूद अपराध में कमी आईल बा। लेकिन अपराधी के मनोबल में कमी नईखे आईल।

मालूम रहे कि एकरा से पहिलहू डीजीपी शराब, हथियार अवुरी प्रतिबंधित वस्तु के रोकथाम खाती नाकाबंदी के सुझाव देले रहले। लेकिन ए सुझाव के पालन ना भईल। अब एक बेर फिर से डीजीपी सभे जगह नाकाबंदी के निर्देश देले।

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