भाजपा बतावे कि का भईल अच्छे दिन वाला वादा, का हवा-हवाई विकास हवा खाए गईल: मायावती

भाजपा बतावे कि का भईल अच्छे दिन वाला वादा, का हवा-हवाई विकास हवा खाए गईल: मायावती

चुनाव आयोग के ओर से साल 2019 के लोकसभा चुनाव के तारीख के घोषणा होखते सियासी घमासान शुरू हो गईल। बहुजन समाज पार्टी के प्रमुख मायावती भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) सरकार प निशाना साधत कहली कि भाजपा के अच्छे दिन ले आवे आ बाकी लुभावे वाला चुनावी वादा के का भईल? का हवा-हवाई विकास हवा खाए गईल?

मायावती अपना ट्वीट में कहली कि, "भाजपा राष्ट्रवाद आ राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दा प लोकसभा चुनाव लड़े के ताल ठोकतिया। भाजपा जवन चाहे करे लेकिन पहिले करोड़ो गरीब, मजदूर, किसान, बेरोजगार के बतावे कि अच्छे दिन ले आवे आ बाकी लुभावे वाला चुनावी वादा के का भईल? का हवा-हवाई विकास हवा खाए गईल?"

बसपा सुप्रीमो मायावती जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव के संगे विधानसभा चुनाव ना करावे प सवाल खड़ा करत केंद्र सरकार प निशाना सधली। मायावती कहली कि, "जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव के संगे विधानसभा के चुनाव ना करावल मोदी सरकार के कश्मीर नीति के विफलता के प्रतीक ह। जवन सुरक्षा बल लोकसभा चुनाव करा सकता, उहे ओह दिन उहां विधानसभा के चुनाव काहें नईखे करा सकत? केंद्र के तर्क बेतुका बा आ भाजपा के बहाना बचकाना बा।

नेशनल कान्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष अवुरी जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपना ट्वीट में कहले कि, "जम्मू-कश्मीर में समय प विधानसभा चुनाव करावे में नाकामी के देखत हम कुछ दिन पहिले आपन कईल ट्वीट के फेरु से ट्वीट करतानी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान, आतंकवादी अवुरी हुर्रियत के सोझा आत्मसमर्पण क देले। शाबाश मोदी साहब... 56 इंच के सीना फेल हो गईल।"

उमर अब्दुल्ला कहले कि भारत-विरोधी ताकत के सोझा मोदी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) के 'एकदम से घुटना टेकल बहुत शर्मनाक' बा। उ कहले कि, 1996 के बाद पहिला बेर राज्य में विधानसभा चुनाव समय प नईखे होखत।

फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव के संगे विधानसभा चुनाव ना करावे के फैसला प सवाल उठावत कहले कि जदी लोकसभा चुनाव खाती माहौल अनुकूल बा, त फेरु विधानसभा चुनाव खाती काहे नईखे?

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