नीतीश कुमार महागठबंधन में शामिल होखस, राजनीति में केहु दोस्त-दुश्मन ना होखे

नीतीश कुमार महागठबंधन में शामिल होखस, राजनीति में केहु दोस्त-दुश्मन ना होखे

लोकसभा चुनाव में महागठबंधन के हार के बाद बिहार में राजनीतिक गरमी बढ़े लागल बा। जीतन मांझी अवुरी नीतीश कुमार के मुलाकात के बाद अब राजद नेता रघुवंश प्रसाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महागठबंधन में शामिल होखे के नेवता देले।

पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवुरी पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह कहले कि साल 2020 में बिहार विधानसभा चुनाव में जदी जीत हासिल करे के बा अवुरी भाजपा के हरावे के बा त हर हाल में सभे गैर भाजपाई दल के एकजुट होखे के पड़ी। संगही कहले कि ए गैर भाजपाई दल में नीतीश कुमार भी शामिल बाड़े।

एगो सवाल के जवाब में कि तेजस्वी यादव बार-बार कहले बाड़े कि नीतीश कुमार खाती महागठबंधन में समूचा रास्ता बंद बा। जवाब में रघुवंश प्रसाद कहले कि राजनीति में केहु दोस्त चाहे केहु दुश्मन ना होखे। उ कहले कि तेजस्वी यादव का इ स्टाम्प पेपर प लिख के देले बाड़े कि नीतीश कुमार महागठबंधन में नईखन आ सकत? अब एकजुटता जरूरी बा।

राजद नेता आगे कहले कि, "नीतीश कुमार के सभे जानता, उ निश्चित रूप से पक्ष बदल लिहे। लेकिन केहु भविष्यवाणी नईखे क सकत कि उ कब का करीहे चाहे का कहिहे। अयीसन एक बेर ना बालुक कतने बेर भईल बा। इ तनिकों अचरज करे वाला बात नईखे। हम चाहतानी कि भाजपा के खिलाफ सभके एक संगे आवे के चाही।''

रघुवंश प्रसाद के बयान के जवाब देत जदयू नेता नीरज कुमार कहले कि रघुवंश प्रसाद के बात त उनुका पार्टी में ही केहु ना सुनेला, उ त असही जवन मन होखेला, बोलत रहेले। संगही एनडीए में दरार से इनकार करत कहले कि "एनडीए में दरार-करार नईखे समूचा एनडीए एकजुट बिया।"

उहें, महागठबंधन के नीति प रघुवंश प्रसाद कहले कि सीट के बंटवारा अवुरी उम्मीदवार के चयन ठीक से ना भईल रहे। कमजोर उम्मीदवार होखला के बावजूद उम्मीदवार के मैदान में उतारल गईल। संगही कहले कि महागठबंधन के नीति के संगे-संगे राजद के सवर्ण आरक्षण बिल के विरोध गलत रहे।

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